भुगतान नहीं, तो काम नहीं! रायपुर नगर निगम के खिलाफ ठेकेदारों का प्रदर्शन, लगाए गंभीर आरोप

रायपुर नगर निगम

रायपुर। रायपुर नगर निगम में लंबित भुगतान और कथित अनियमितताओं को लेकर सिविल ठेकेदारों का असंतोष अब सड़क पर उतर आया है। नगर निगम मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में ठेकेदारों ने प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि विकास कार्य पूरे करने के बावजूद महीनों से उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला, जिसके चलते उन्हें काम बंद करने का निर्णय लेना पड़ा।

100 करोड़ से ज्यादा भुगतान अटका होने का दावा

ठेकेदारों के अनुसार नगर निगम में 100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित है। कई ठेकेदारों को छह महीने से लेकर डेढ़ साल तक भुगतान नहीं मिला है। उनका कहना है कि अधिकांश कार्य बैंक से ऋण लेकर पूरे किए गए थे, लेकिन समय पर राशि नहीं मिलने से ब्याज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है और आर्थिक संकट गहरा गया है।

फाइल आगे बढ़ाने के बदले कमीशन मांगने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं है। उनका दावा है कि कई मामलों में फाइल आगे बढ़ाने के लिए कथित तौर पर कमीशन की मांग की जाती है। उनका कहना है कि वैधानिक कटौतियों के बाद भी अतिरिक्त रकम देने का दबाव बनाया जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

‘काम पूरा कराया, अब भुगतान के लिए भटक रहे’

ठेकेदारों ने कहा कि विकास कार्य समय पर पूरे कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जाता है, लेकिन भुगतान के समय उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उनका आरोप है कि कई बार बिना भुगतान के अतिरिक्त कार्य भी कराया जाता है और बाद में गुणवत्ता संबंधी विवाद होने पर पूरी जिम्मेदारी ठेकेदारों पर डाल दी जाती है।

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प्रशासनिक व्यवस्था पर भी उठे सवाल

सिविल ठेकेदार संघ के पदाधिकारियों ने दावा किया कि वर्तमान व्यवस्था में भुगतान प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है। उनका कहना है कि कई फाइलों की स्थिति तक स्पष्ट नहीं बताई जाती। संघ ने मांग की कि भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि ठेकेदारों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

सरकार से निष्पक्ष जांच और भुगतान की मांग

प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और नगरीय प्रशासन विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही लंबित भुगतान जल्द जारी कर ठेकेदारों को राहत दी जाए।

प्रशासन का पक्ष आना बाकी

प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आरोपों पर खबर लिखे जाने तक रायपुर नगर निगम प्रशासन, महापौर या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासन का पक्ष सामने आने पर समाचार को अपडेट किया जा सकता है।

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