एक युग का अंत! नहीं रहीं पंडवानी की महान गायिका, पीएम और सीएम ने दी श्रद्धांजलि
पद्म विभूषण से सम्मानित इस महान गायिका ने छत्तीसगढ़ की लोक कला को दी थी वैश्विक पहचान, रायपुर एम्स में सुबह 3:15 बजे तोड़ा दम
रायपुर। छत्तीसगढ़ की कला जगत से सुबह-सुबह दुखद खबर आई है। प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं और रायपुर एम्स में उनका इलाज चल रहा था। रविवार सुबह करीब 3:15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 70 वर्ष की थीं।
पंडवानी को मिली वैश्विक पहचान
तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाई। महाभारत की कथाओं को अपनी दमदार आवाज़, अभिनय और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने जीवंत बनाया। उनकी कला ने भारत के साथ-साथ एशिया, यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया सहित अनेक देशों के दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशेष सम्मान मिला।
देश के सर्वोच्च सम्मानों से हुईं सम्मानित
भारतीय लोककला में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1988 में पद्मश्री, 2003 में पद्म भूषण और 2019 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया। इसके अलावा उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, नृत्य शिरोमणि, कला शिरोमणि समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए। विभिन्न विश्वविद्यालयों ने उन्हें मानद डी.लिट. (डॉक्टरेट) की उपाधि से भी सम्मानित किया था।
लोककला जगत के लिए अपूरणीय क्षति
डॉ. तीजन बाई का निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपनी अद्भुत प्रतिभा और अथक साधना से पंडवानी को गांव की चौपाल से निकालकर विश्व मंच तक पहुंचाया। उनके जाने से लोककला जगत ने अपना एक अमूल्य नक्षत्र खो दिया है।
पीएम मोदी ने जताया गहरा शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, “सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला एवं संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति!”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के एम्स अस्पताल पहुंचकर डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री के साथ मंत्रिमंडल के कई सदस्य भी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत लोककलाकार को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भी दी श्रद्धांजलि
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, “तीजन बाई का निधन बड़ी क्षति है। छत्तीसगढ़ की अनमोल रत्न, महान पंडवानी गायिका, पद्म विभूषण तीजन बाई जी का निधन छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश में कला और संस्कृति की बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने गायन से पंडवानी विधा को सजीव रखा और छत्तीसगढ़ का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित किया।”
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