धर्मांतरण के आरोप पर बवाल: आदिवासी परिवार को गांव से निकाला, मौके पर भारी पुलिस बल
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के खड़कागांव में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर तनाव की स्थिति बन गई है। जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में आदिवासी समाज के लोगों ने एक परिवार पर पारंपरिक धर्म छोड़कर दूसरे धर्म को अपनाने का आरोप लगाया। इसके बाद सामाजिक विरोध के चलते संबंधित परिवार को गांव से बाहर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।
सात सदस्यीय परिवार गांव से बाहर, तीन बच्चे भी शामिल
ग्रामीणों के विरोध के बाद मोहन दुग्गा के परिवार को गांव छोड़ना पड़ा। परिवार में कुल सात सदस्य हैं, जिनमें तीन छोटे बच्चे भी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर हालात पर नजर रखे हुए हैं और दोनों पक्षों से चर्चा कर शांति बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं।
भरंडा गांव में भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
इससे पहले नारायणपुर के भरंडा गांव में भी धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया था। वहां कई परिवारों को गांव छोड़ने की बात को लेकर विवाद बढ़ गया था। बाद में प्रशासन की पहल पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और स्थिति को शांत करने के लिए एक माह का समय तय किया गया था।
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अंतिम संस्कार और धार्मिक परंपराओं को लेकर भी बढ़ रहे विवाद
प्रदेश के कई हिस्सों में धर्म परिवर्तन और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं को लेकर सामाजिक मतभेद देखने को मिल रहे हैं। कुछ स्थानों पर अंतिम संस्कार और दफन भूमि के उपयोग को लेकर भी विवाद सामने आए हैं। इन मामलों के कारण कई जगहों पर सामाजिक तनाव की स्थिति बनी है।
शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में जुटा प्रशासन
खड़कागांव की घटना के बाद जिला प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और दोनों पक्षों के बीच संवाद के माध्यम से विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ धर्मांतरण से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
