हनुमान मंदिर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन मंडप गिरा, मलबे में दबे 30-40 श्रद्धालु, 5 शव निकाले गए

हनुमान मंदिर में बड़ा हादसा

महाराष्ट्र के परभणी जिले की मानवत तहसील स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्रीक्षेत्र यशवाड़ी में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर परिसर में बन रहे नए सभा मंडप का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। घटना उस समय हुई जब शनिवार होने के कारण मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे।

मलबे में दबे कई श्रद्धालु

प्राथमिक जानकारी के मुताबिक मंडप के गिरने से करीब 30 से 40 श्रद्धालु मलबे के नीचे फंस गए। हादसे के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ढांचा अचानक गिरा, जिससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, मंदिर में नए सभा मंडप का निर्माण कार्य पिछले कुछ समय से जारी था। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे श्रद्धालु मंडप के आसपास मौजूद थे, तभी निर्माणाधीन संरचना का बड़ा हिस्सा अचानक धराशायी हो गया। तेज आवाज के साथ हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया।

स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य

हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रशासनिक टीमों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय नागरिकों ने मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। कई लोगों को प्राथमिक स्तर पर सुरक्षित निकालने में ग्रामीणों की अहम भूमिका रही।

प्रशासन ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव कार्य के लिए एंबुलेंस, डॉक्टरों और राहत दलों को तैनात किया गया है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है।

मौतों की आशंका, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

हादसे में कई श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। मलबे के भारी ढेर को देखते हुए कुछ लोगों के हताहत होने की भी आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।

सरकार और जनप्रतिनिधि लगातार ले रहे अपडेट

हादसे के बाद जिला प्रशासन के साथ राज्य सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। परभणी की पालकमंत्री मेघना बोर्डीकर ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से संपर्क कर प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा है। फिलहाल बचाव दलों का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है।

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