आम जनता को झटका: घरेलू बिजली हुई महंगी, जुलाई से देना होगा ज्यादा बिल
राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही बढ़े हुए बिल का सामना करना पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों को मंजूरी दे दी है। संशोधित दरें 1 जुलाई से प्रभावी होंगी, जिसके बाद घरेलू, व्यावसायिक और कृषि क्षेत्र से जुड़े उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी
आयोग के फैसले के अनुसार घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को अब प्रति यूनिट 50 पैसे अधिक भुगतान करना होगा। वहीं व्यवसायिक और अन्य गैर-घरेलू श्रेणियों में बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि स्वीकृत की गई है।
किसानों की लागत भी बढ़ेगी
नई दरों का असर कृषि क्षेत्र पर भी दिखाई देगा। सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले बिजली पंपों के लिए भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। इससे खेती की लागत में कुछ वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।
घाटे का हवाला देकर कंपनी ने की थी मांग
बिजली वितरण कंपनी ने आयोग के समक्ष अपनी वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए बिजली दरों में बड़ी वृद्धि का प्रस्ताव रखा था। कंपनी का दावा था कि उसे करीब 6 हजार करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है, जिसकी भरपाई के लिए टैरिफ में संशोधन आवश्यक है।
प्रस्तावित बढ़ोतरी से कम दरों को मिली मंजूरी
हालांकि कंपनी ने करीब 24 प्रतिशत तक दरें बढ़ाने का सुझाव दिया था, लेकिन आयोग ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद सीमित वृद्धि को मंजूरी दी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं पर असर तो पड़ेगा, लेकिन प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी की तुलना में राहत भी मिलेगी।
जुलाई से दिखेगा असर
नई बिजली दरें लागू होने के बाद उपभोक्ताओं के मासिक बिल में बदलाव दिखाई देगा। खासकर अधिक बिजली खपत करने वाले घरेलू, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं को इसका सीधा असर महसूस होगा।
