TMC में बढ़ी बगावत! ममता ने सायोनी घोष और माला रॉय को पद से हटाया
बंगाल चुनाव में हार के बाद TMC में बढ़ी गुटबाजी, ममता बनर्जी ने संगठन में बड़ा फेरबदल कर दो प्रमुख नेताओं को पद से हटाया
क्या TMC में बगावत खुलकर सामने आ गई है? ममता बनर्जी के बड़े फैसले ने पार्टी के भीतर सियासी हलचल बढ़ा दी है। आखिर क्यों हटाए गए सायोनी घोष और माला रॉय, और क्या बागी सांसद अब अलग पहचान की तैयारी में हैं? जानिए पूरी कहानी।
TMC Internal Rift: तृणमूल में बढ़ी अंदरूनी कलह, सायोनी घोष और माला रॉय प्रमुख पदों से हटाई गईं
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए सांसद सायोनी घोष को युवा तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। उनकी जगह युवा नेता अर्णब बनर्जी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं तृणमूल महिला कांग्रेस में भी बड़ा बदलाव करते हुए कोलकाता दक्षिण से सांसद माला रॉय को पद से हटाकर कालिगंज विधायक अलीफा अहमद को महिला संगठन का नया अध्यक्ष बनाया गया है।
संगठन पर पकड़ मजबूत करने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब पार्टी के भीतर असंतोष और गुटबाजी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि ममता बनर्जी संगठन पर अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही हैं। हाल ही में पार्टी में कई स्तरों पर संगठनात्मक बदलाव किए गए थे और अब दो प्रमुख नेताओं को उनके पदों से हटाया जाना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
बागी नेताओं पर कार्रवाई के संकेत
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सायोनी घोष और माला रॉय उन सांसदों के समूह का हिस्सा मानी जाती हैं, जिन्होंने हाल के दिनों में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी। ऐसे में उनका पद से हटाया जाना पार्टी के भीतर अनुशासन और नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

बागी सांसदों ने खोला मोर्चा
TMC में चल रही खींचतान के बीच बागी सांसदों ने भी अपने तेवर कड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बागी गुट सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपने की तैयारी में है। इस ज्ञापन में वे खुद को “वास्तविक तृणमूल” के रूप में मान्यता देने की मांग कर सकते हैं।
चुनावी हार के बाद बढ़ा संकट
यह पूरा घटनाक्रम 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद सामने आया है। चुनावी झटके के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष और नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर की यह खींचतान और तेज हो सकती है।
