ChatGPT Scam Alert: AI पर आंख मूंदकर भरोसा पड़ सकता है भारी! ChatGPT के जरिए फैल रहा नया ऑनलाइन स्कैम

Chatgpt Scam

ChatGPT Scam Alert: ब्रिटेन में सामने आए एक मामले ने AI आधारित सर्च टूल्स की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं

क्या ChatGPT पर दिखने वाला हर लिंक सुरक्षित होता है? एक नई रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। साइबर ठग AI को ही हथियार बनाकर लोगों को फर्जी शॉपिंग वेबसाइट्स तक पहुंचा रहे हैं। जानिए यह नया स्कैम कैसे काम करता है और इससे बचने के आसान तरीके।

सावधान! अब ChatGPT पर भी लग सकता है चूना, सर्च रिजल्ट में आ रहे हैं फर्जी शॉपिंग लिंक

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और लाखों लोग शॉपिंग से लेकर जानकारी जुटाने तक के लिए ChatGPT जैसे AI टूल्स का सहारा ले रहे हैं। लेकिन अब साइबर अपराधियों ने AI प्लेटफॉर्म्स को भी अपना नया निशाना बना लिया है। हाल ही में ब्रिटेन में सामने आए एक मामले ने ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ChatGPT के कुछ सर्च रिजल्ट्स में फर्जी शॉपिंग वेबसाइट्स दिखाई गईं, जिनके जरिए साइबर ठग लोगों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश कर रहे थे। यह मामला सामने आने के बाद विशेषज्ञों ने AI टूल्स का उपयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

कैसे सामने आया Chatgpt Scam?

स्कैम-डिटेक्शन सर्विस ‘Ask Silver’ की रिपोर्ट के अनुसार, साइबर अपराधियों ने कई मशहूर रिटेल ब्रांड्स की वेबसाइट्स के नकली संस्करण तैयार किए। जब यूजर्स ने ChatGPT से लोकप्रिय उत्पादों या ब्रांड्स के बारे में जानकारी मांगी, तो कुछ मामलों में इन फर्जी वेबसाइट्स के लिंक भी रिजल्ट्स में दिखाई दिए।

ये वेबसाइट्स देखने में बिल्कुल असली ब्रांड की वेबसाइट्स जैसी लगती हैं, जिससे आम यूजर आसानी से भ्रमित हो सकता है।

कैसे काम करता है यह नया Chatgpt Scam?

मान लीजिए कोई व्यक्ति किसी ब्रांड का बैग, मोबाइल या अन्य उत्पाद खरीदना चाहता है और इसके लिए ChatGPT से सुझाव मांगता है। AI उसे कई वेबसाइट्स के नाम बता सकता है।

यदि उनमें से कोई वेबसाइट फर्जी हो और यूजर उस पर क्लिक कर दे, तो वह सीधे साइबर ठगों के जाल में फंस सकता है। ऐसी वेबसाइट्स आकर्षक ऑफर्स और भारी डिस्काउंट दिखाकर लोगों से बैंकिंग डिटेल्स, कार्ड नंबर या अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश करती हैं।

क्या है AI Poisoning?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस खतरे की सबसे बड़ी वजह “AI Poisoning” नामक तकनीक है।

इस प्रक्रिया में साइबर अपराधी इंटरनेट पर बड़ी मात्रा में नकली कंटेंट, क्लोन वेबसाइट्स और भ्रामक जानकारी अपलोड करते हैं। जब AI मॉडल्स इंटरनेट से डेटा एकत्र करते हैं, तो कई बार वे इन फर्जी स्रोतों को भी विश्वसनीय मान लेते हैं।

नतीजतन, AI टूल्स कभी-कभी गलत या संदिग्ध वेबसाइट्स को भी वैध विकल्प के रूप में दिखा सकते हैं। यही कारण है कि केवल AI द्वारा सुझाए गए लिंक पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।

Chatgpt Scam

ऑनलाइन शॉपिंग करते समय रखें इन बातों का ध्यान

वेबसाइट का URL जरूर जांचें

किसी भी वेबसाइट पर जाने से पहले उसके URL को ध्यान से देखें। ऑफिशियल डोमेन की स्पेलिंग और एक्सटेंशन (.com, .co.in आदि) की पुष्टि करें। URL में अतिरिक्त शब्द या गलत स्पेलिंग दिखे तो सतर्क हो जाएं।

बहुत ज्यादा डिस्काउंट पर भरोसा न करें

70% से 90% तक की भारी छूट दिखाने वाली वेबसाइट्स अक्सर लोगों को आकर्षित करने के लिए ऐसा करती हैं। ऐसे ऑफर्स देखने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।

ब्रांड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं

AI द्वारा दिए गए लिंक पर सीधे क्लिक करने के बजाय ब्राउजर में खुद ब्रांड का नाम सर्च करें और उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

पेमेंट से पहले वेबसाइट की विश्वसनीयता जांचें

वेबसाइट की रिव्यू, सिक्योरिटी सर्टिफिकेट और संपर्क जानकारी की पुष्टि जरूर करें।

AI सुविधाजनक है, लेकिन सतर्कता जरूरी

ChatGPT और अन्य AI टूल्स लोगों की जिंदगी को आसान बना रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी AI रिजल्ट को अंतिम सत्य नहीं मानना चाहिए। ऑनलाइन शॉपिंग या वित्तीय लेनदेन करते समय हमेशा अतिरिक्त जांच-पड़ताल करें ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।

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