भारत नहीं, फिर भी FIFA World Cup में दिखेगा भारतीय दम! जानिए कौन हैं ये 4 खिलाड़ी
FIFA World Cup: भारत भले ही फीफा विश्व कप के मुख्य टूर्नामेंट में जगह नहीं बना पाया हो, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग देशों की जर्सी पहनकर दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार हैं।
भारत की टीम FIFA World Cup में नहीं है, लेकिन इस बार करोड़ों भारतीयों की नजरें चार ऐसे खिलाड़ियों पर टिकी होंगी जिनकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं। कोई बायर्न म्यूनिख का हिस्सा रह चुका है तो कोई अपने देश का उभरता सुपरस्टार है। आखिर कौन हैं ये खिलाड़ी और कैसे बना रहे हैं वैश्विक मंच पर भारतीय पहचान? पढ़िए पूरी कहानी…
FIFA World Cup में दिखेगा भारतीय मूल का जलवा, 4 खिलाड़ी अलग-अलग देशों का करेंगे प्रतिनिधित्व
Indian origin Players in FIFA World Cup: भारत अब तक FIFA World Cup के मुख्य टूर्नामेंट में जगह नहीं बना पाया है, लेकिन इस बार विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर भारतीय जड़ों से जुड़े चार खिलाड़ी अलग-अलग देशों की ओर से खेलते नजर आएंगे। अमेरिका में 11 जून से शुरू होने वाले टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड के सरप्रीत सिंह, कांगो के सैमुअल मौतौसामी, ऑस्ट्रेलिया के निशान वेलुपिल्ले और कतर के तहसीन मोहम्मद अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
सरप्रीत सिंह पर होंगी खास नजरें
न्यूजीलैंड के मिडफील्डर सरप्रीत सिंह का जन्म ऑकलैंड में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उन्होंने साल 2018 में न्यूजीलैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं बल्कि फुटबॉल में पदार्पण किया और 2019 में बायर्न म्यूनिख की टीम का हिस्सा बनने वाले भारतीय मूल के पहले फुटबॉलर बने। सरप्रीत अब तक न्यूजीलैंड के लिए 24 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में तीन गोल कर चुके हैं। चोट से वापसी के बाद उन्हें विश्व कप टीम में शामिल किया गया है।
कांगो के अनुभवी खिलाड़ी हैं सैमुअल मौतौसामी
सैमुअल मौतौसामी का जन्म फ्रांस में हुआ था। उनकी मां कांगो मूल की हैं जबकि पिता तमिल मूल के भारतीय परिवार से आते हैं। 29 वर्षीय मिडफील्डर वर्तमान में ग्रीस के क्लब एटरोमिटोस के लिए खेलते हैं। उन्होंने कांगो की राष्ट्रीय टीम के लिए 57 मैच खेले हैं और टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं।

ऑस्ट्रेलिया के लिए चमक रहे हैं निशान वेलुपिल्ले
ऑस्ट्रेलिया के विंगर निशान वेलुपिल्ले भी भारतीय मूल से जुड़े हुए हैं। उनकी मां एंग्लो-इंडियन हैं जबकि पिता श्रीलंकाई तमिल मूल के हैं। अक्टूबर 2024 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया और पहले ही मैच में गोल दागकर सुर्खियां बटोरीं। अब तक वे सात अंतरराष्ट्रीय मैचों में तीन गोल कर चुके हैं।
कतर के उभरते सितारे हैं तहसीन मोहम्मद
तहसीन मोहम्मद का जन्म कतर की राजधानी दोहा में एक मलयाली परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता मूल रूप से केरल के कन्नूर से हैं। एस्पायर अकादमी में प्रशिक्षण लेने वाले तहसीन कतर स्टार्स लीग में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने 2024 में अफगानिस्तान के खिलाफ कतर के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था और उन्हें कतर फुटबॉल का भविष्य माना जा रहा है।
भारतीय जड़ों की बढ़ रही वैश्विक पहचान
इन चारों खिलाड़ियों की मौजूदगी यह साबित करती है कि भारतीय मूल के खिलाड़ी अब दुनिया के सबसे बड़े खेल मंचों पर अपनी पहचान बना रहे हैं। भले ही भारतीय फुटबॉल टीम अभी FIFA World Cup तक नहीं पहुंच पाई हो, लेकिन भारतीय जड़ों से जुड़े इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर दुनिया भर के भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें रहेंगी।
