छत्तीसगढ़ की सड़कों पर दौड़ा महिला सशक्तिकरण का कारवां, बारनवापारा पहुंचीं मोटो क्वींस
रायपुर से बारनवापारा तक 18 महिला बाइकर्स की प्रेरणादायक यात्रा, पर्यटन, सड़क सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण का दिया संदेश
एक महिला की नेपाल तक की सोलो बाइक यात्रा से शुरू हुआ सपना आज छत्तीसगढ़ में एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। 18 महिलाएं जब बाइक लेकर बारनवापारा पहुंचीं तो यह सिर्फ एक एडवेंचर राइड नहीं थी, बल्कि महिला सशक्तिकरण, पर्यटन और सड़क सुरक्षा का मजबूत संदेश भी था। आखिर कैसे शुरू हुई यह अनोखी मुहिम और क्यों हो रही है इसकी हर तरफ चर्चा? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
इंजन की गड़गड़ाहट के साथ निकला बदलाव का कारवां, बारनवापारा पहुंचीं 18 महिला बाइकर्स
छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की एक नई तस्वीर सामने आई है। “मोटो क्वींस एडवेंचर” नामक महिला बाइकर्स समूह की 18 सदस्याएं रायपुर से बारनवापारा अभ्यारण्य तक रोमांचक यात्रा पर पहुंचीं। यह यात्रा केवल बाइक राइड तक सीमित नहीं रही, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, पर्यटन, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त अभियान बन गई।
नेपाल की सोलो राइड से शुरू हुई प्रेरणा
इस अनोखी पहल की शुरुआत कांकेर की वनिका (वानी) पिल्लई ने की। उन्होंने वर्ष 2025 में अकेले बाइक से कांकेर से नेपाल तक का सफर तय किया था। इस यात्रा के अनुभव उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए, जिसे देखकर कई महिलाओं ने उनसे संपर्क किया और ऐसी यात्राओं में शामिल होने की इच्छा जताई।
यहीं से “मोटो क्वींस एडवेंचर” की नींव पड़ी। आज इस समूह में छात्राएं, गृहिणियां, प्रोफेशनल महिलाएं और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाएं शामिल हैं।
जिम्मेदारियों के साथ सपनों को भी दी उड़ान
इस राइड की खास बात यह रही कि इसमें शामिल अधिकांश महिलाएं घर और परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ अपने सपनों को भी पूरा कर रही हैं। कई प्रतिभागियों ने बताया कि शुरुआत में परिवार को उनकी सुरक्षा की चिंता थी, लेकिन अब परिवार उनके इस साहसिक कदम पर गर्व महसूस करता है।
महिलाओं का कहना है कि यह केवल एडवेंचर नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का अभियान है।
छत्तीसगढ़ पर्यटन को दिला रहीं नई पहचान
मोटो क्वींस एडवेंचर का उद्देश्य सिर्फ बाइकिंग नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना भी है। समूह की संस्थापक वनिका पिल्लई का मानना है कि बस्तर, कांकेर, चित्रकोट, तीरथगढ़, बारनवापारा और सिरपुर जैसे पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें देशभर तक पहुंचाने की जरूरत है।
महिला बाइकर्स सोशल मीडिया के जरिए इन स्थलों की खूबसूरती को लोगों तक पहुंचा रही हैं और राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही हैं।
सड़क सुरक्षा का दिया मजबूत संदेश
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। सभी महिला बाइकर्स हेलमेट, राइडिंग जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के साथ यात्रा कर रही हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और तेज रफ्तार से बचें ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
बारनवापारा में प्रकृति से जुड़ाव
बारनवापारा अभ्यारण्य पहुंचकर महिला बाइकर्स ने जंगल सफारी, जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े पहलुओं को करीब से समझा। प्रतिभागियों ने कहा कि इको-टूरिज्म केवल घूमने का माध्यम नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास का प्रभावी साधन भी है।
पर्यटन विभाग ने भी बढ़ाया उत्साह
इस विशेष यात्रा में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की डीजीएम Poonam Sharma और जनसंपर्क अधिकारी Dr. Anuradha Dubey भी शामिल हुईं। उन्होंने महिला बाइकर्स के साथ बाइक राइड कर उनका उत्साह बढ़ाया।
पर्यटन विभाग का मानना है कि ऐसी पहलें राज्य के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
बदलते छत्तीसगढ़ की नई पहचान
बारनवापारा तक पहुंची यह यात्रा केवल एक बाइक राइड नहीं, बल्कि बदलते छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनकर उभरी है। यह अभियान साबित करता है कि अवसर, आत्मविश्वास और समर्थन मिलने पर महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकती हैं।
मोटो क्वींस एडवेंचर की यह पहल पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण को एक साथ जोड़ते हुए समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम कर रही है
