बीबी, संभलकर चलो वरना तुम अकेले रह जाओगे! ईरान-इजराइल तनाव के बीच ट्रंप ने नेतन्याहू को दी चेतावनी

Iran Israel conflict

अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक्सियोस से बातचीत में कहा- दोनों पक्ष पहले ही अपनी-अपनी मार कर चुके हैं, अब और हमले की जरूरत नहीं; ईरान के साथ अमेरिकी समझौते पर खतरा

 

तेल अवीव/वाशिंगटन। ईरान और इजराइल के बीच तनाव बढ़ने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर इजराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए तो वह जल्द ही खुद को अकेला पा सकता है। एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘मैंने कहा, बीबी, तुम्हें सावधान रहना चाहिए, नहीं तो तुम बहुत जल्द अकेले रह जाओगे।’

 

कैसे बढ़ा तनाव? पूरी घटनाक्रम

तनाव की शुरुआत तब हुई जब इजराइल ने रविवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियेह में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर हमला किया। इस हमले की जानकारी व्हाइट हाउस को पहले से नहीं दी गई थी। इसके जवाब में ईरान ने उत्तरी इजराइल पर 11 मिसाइलें दागीं। इजराइली सेना के अनुसार, सभी मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

 

इसके बाद इजराइल ने ईरान के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में तेहरान और इस्फहान इलाकों में जवाबी कार्रवाई की। इजराइल के हमले का लक्ष्य ईरान के पेट्रोकेमिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और संवेदनशील सैन्य ठिकाने थे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान यमन की ओर से भी इजराइल पर मिसाइल दागी गई, जिसे रोक लिया गया।

 

ट्रंप की चिंता: अमेरिका-ईरान समझौते पर खतरा

ट्रंप की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इजराइल के हमले उस डील को पटरी से उतार सकते हैं जिस पर वह ईरान के साथ काम कर रहे हैं। ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका ईरान के साथ ‘अंतिम समझौते’ के बहुत करीब है और यह एक ‘अच्छा सौदा’ होने वाला है। उन्होंने कहा, ‘ईरान ने अपनी मिसाइलें दागीं, इजराइल ने अपनी मार कर ली। हमें एक और हमले की जरूरत नहीं है। मैं नहीं चाहता कि यह डील उड़ जाए।’

 

ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन को सोमवार सुबह ईरान की ओर से संदेश मिला कि वह और हमले नहीं करेगा, बशर्ते इजराइल भी ऐसा ही करे। ट्रंप ने कहा, ‘उन्होंने हमें फोन किया और कहा कि वे और हमले नहीं करेंगे। उन्होंने हमसे कहा कि हम इजराइल से कहें कि वह और हमले न करे।’

 

नेतन्याहू ने मानी ट्रंप की बात, लेकिन शर्त के साथ

एक इजराइली सूत्र के अनुसार, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हुई फोन वार्ता में मतभेद थे, लेकिन अंततः नेतन्याहू इस शर्त पर हमले रोकने पर सहमत हुए कि ईरान भी कोई और हमला नहीं करेगा। इसके बाद नेतन्याहू ने अपने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को योजनाबद्ध अभियान रद्द करने का निर्देश दिया।

 

हालांकि, नेतन्याहू ने साफ किया कि इजराइल सीमित हमले जारी रख सकता है और उसने व्हाइट हाउस को बताया कि वह ‘जब भी जरूरी होगा’ स्ट्राइक करेगा। एक टेलीविजन संबोधन में नेतन्याहू ने कहा, ‘इजराइल को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है और हम इसका जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करेंगे।’

 

अमेरिका ने मिसाइल रोकने में की मदद, लेकिन हमलों में नहीं लिया हिस्सा

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने किसी भी आक्रामक कार्रवाई में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन ईरान से आ रही मिसाइलों को रोकने में इजराइल की मदद की। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दोनों पक्षों से ‘शूटिंग’ रोकने का आह्वान किया और कहा कि शांति के लिए ‘अंतिम वार्ता’ जारी है। उन्होंने लिखा, ‘दोनों पक्ष, इजराइल और ईरान, तत्काल संघर्ष विराम चाहते हैं।’

 

इजराइली राजदूत ने कहा- ‘प्रेमियों की नोकझोंक’

ट्रंप की कड़ी चेतावनी को लेकर इजराइल के अमेरिकी राजदूत येचिएल लीटर ने इसे ‘प्रेमियों की नोकझोंक’ बताते हुए कमतर आंकने की कोशिश की। फॉक्स न्यूज से बातचीत में लीटर ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच 40 साल पुरानी दोस्ती है और कभी-कभी ‘प्रेमियों में नोकझोंक’ हो जाती है। उन्होंने स्वीकार किया कि नेतन्याहू ने ट्रंप के अनुरोध पर ‘तापमान कम करने’ का फैसला किया, लेकिन यह भी कहा कि ट्रंप ‘पूरी तरह समझते हैं’ कि इजराइल मिसाइल हमलों को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ सकता।

 

आगे क्या? युद्ध टला या फिर टल गया?

सोमवार तक दोनों पक्षों ने लड़ाई रोकने के संकेत दे दिए थे। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की कूटनीति ने फिलहाल एक बड़े युद्ध को टाल दिया है, लेकिन तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ट्रंप ने खुद एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं शॉट्स कॉल करता हूं। मैं सभी शॉट्स कॉल करता हूं। वह शॉट्स कंट्रोल नहीं करते।’ फिलहाल, सभी की निगाहें अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली ‘अंतिम वार्ता’ और नेतन्याहू के अगले कदम पर टिकी हैं।

 

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