बंगाल में सियासी भूचाल! TMC में बगावत के बीच लोकसभा का रास्ता चुनेंगी Mamata Banerjee?
TMC में बढ़ते असंतोष, सांसदों की नाराजगी और विधानसभा में उठे बगावती सुरों के बीच Mamata Banerjee की लोकसभा वापसी की चर्चाएं तेज
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया सियासी मोड़ सामने आया है। चर्चा है कि Mamata Banerjee जल्द लोकसभा का रुख कर सकती हैं। इसके लिए एक सांसद से सीट खाली कराने की बात भी सामने आ रही है। आखिर TMC में ऐसा क्या चल रहा है कि पार्टी प्रमुख को दिल्ली की राजनीति में लौटने की जरूरत पड़ सकती है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
Mamata Banerjee जाएंगी लोकसभा? TMC में बढ़ती बगावत के बीच नई सियासी चर्चा
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही हलचल चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। विधानसभा चुनाव 2026 के बाद पार्टी के अंदर असंतोष और गुटबाजी की खबरों के बीच अब यह अटकलें तेज हो गई हैं कि TMC प्रमुख ममता बनर्जी लोकसभा की राजनीति में वापसी कर सकती हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी नेतृत्व इस संभावना पर विचार कर रहा है कि ममता बनर्जी उपचुनाव के जरिए संसद पहुंचें। इसके लिए बहारामपुर लोकसभा सीट को संभावित विकल्प माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस सीट से सांसद यूसुफ पठान इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे ममता बनर्जी चुनाव लड़ सकें।
गौरतलब है कि यूसुफ पठान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर यह सीट जीती थी। वहीं ममता बनर्जी पहले भी छह बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं और मुख्यमंत्री बनने से पहले राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं।
इसी बीच पार्टी के भीतर नाराजगी की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं। कई वरिष्ठ सांसदों ने संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को शिकायत भी भेजी है। वहीं सुखेंदु शेखर और शांतनु सेन जैसे नेताओं की नाराजगी की खबरें भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

विधानसभा के भीतर भी TMC की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के 57 विधायकों ने निष्कासित नेता रितब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुनने का समर्थन किया है। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी में अंदरूनी खींचतान और तेज होती दिखाई दे रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ममता बनर्जी लोकसभा का चुनाव लड़ती हैं, तो इसका मकसद पार्टी संगठन को मजबूत करना, सांसदों और विधायकों के बीच बढ़ते असंतोष को नियंत्रित करना और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक भूमिका को और प्रभावी बनाना हो सकता है।
हालांकि, अब तक TMC या ममता बनर्जी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन जिस तरह की चर्चाएं और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ रहे हैं, उससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
