Prayagraj Family Murder Mystery: ‘बंटी, बबली और बहू ने मारा’… दीवार पर लिखे इस मैसेज और 4 लाशों के पीछे छिपा था खौफनाक राज
संपत्ति विवाद, करोड़ों के गहने और दोस्ती में विश्वासघात… Prayagraj Family Murder Mystery में सामने आई ऐसी कहानी जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया
घर के अंदर मिले तीन शव, नीचे दुकान में चौथा शव और पास में लिखा एक रहस्यमयी संदेश- ‘बंटी, बबली और बहू ने मारा’। आखिर एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के पीछे कौन था? पुलिस ने सिर्फ 12 घंटे में जो खुलासा किया, उसने पूरे देश को हैरान कर दिया।
प्रयागराज में चार हत्याओं से मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सामने आया सामूहिक हत्याकांड पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या ने सभी को झकझोर कर रख दिया। शुरुआत में यह मामला किसी रहस्यमयी मर्डर मिस्ट्री जैसा लग रहा था, लेकिन पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर इसका खुलासा कर दिया। जांच में जो सच्चाई सामने आई, वह किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म की कहानी से कम नहीं है।
घर के अंदर मिले तीन शव, दुकान में मिला चौथा शव
मंगलवार को पुलिस को साउथ मलाका स्थित एक मकान से तीन शव बरामद हुए। मृतकों की पहचान 70 वर्षीय कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य और 45 वर्षीय बेटी मीनाक्षी वैश्य के रूप में हुई। तीनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई गई।
पुलिस जांच के दौरान मकान के नीचे बनी एक दुकान तक पहुंची, जहां चौथा शव मिला। यह शव वीरेंद्र वैश्य के बड़े बेटे अभिषेक वैश्य का था। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि दुकान के अंदर एक बोर्ड पर लिखा मिला – “बंटी, बबली और बहू ने मारा है”। इस संदेश ने जांच को और पेचीदा बना दिया।
संपत्ति विवाद बना खूनी खेल की वजह
पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार के अनुसार, पूरे हत्याकांड की जड़ संपत्ति विवाद था। मृतक कारोबारी वीरेंद्र वैश्य अपने बड़े बेटे अभिषेक को उसकी गतिविधियों और कर्ज के कारण संपत्ति से बेदखल करने की तैयारी कर रहे थे। इसी बात से नाराज अभिषेक ने अपने पड़ोसी और दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रची।
पुलिस के मुताबिक अभिषेक भारी कर्ज में डूबा हुआ था और आर्थिक संकट से निकलने के लिए उसने यह खौफनाक योजना बनाई थी।
पहले बहन की हत्या, फिर माता-पिता को उतारा मौत के घाट
जांच में सामने आया कि 31 मई की शाम अभिषेक और सनी ने पहले साथ बैठकर कचौड़ी खाई और बीयर पी। इसके बाद दोनों ने वारदात को अंजाम देने की योजना लागू की।
शाम करीब पांच बजे जब मीनाक्षी वैश्य दुकान खोलने के लिए नीचे आ रही थीं, तभी दोनों ने सीढ़ियों पर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को घसीटकर ऊपर ले जाया गया। फिर घर के अंदर सो रहे बुजुर्ग माता-पिता वीरेंद्र और अनीता वैश्य की भी बेरहमी से हत्या कर दी गई।
डेढ़ करोड़ के गहनों ने बदल दिया पूरा खेल
तीनों हत्याओं के बाद दोनों आरोपियों ने घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लूट ली। पुलिस के अनुसार लूटे गए जेवरों की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये थी।
लेकिन वारदात के बाद जब दोनों दोस्त गहनों का बंटवारा करने बैठे, तब उनके बीच विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान सनी गुप्ता के मन में लालच और डर पैदा हो गया। उसे लगा कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता और बहन का नहीं हुआ, वह उसका भी नहीं हो सकता।
दोस्त ने ही कर दी अभिषेक की हत्या
गहनों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के बाद सनी गुप्ता ने लोहे के पाइप से हमला कर अभिषेक की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने पहचान मिटाने के लिए शव पर टॉयलेट क्लीनर का तेजाब डाला और खून के धब्बे साफ करने की कोशिश की।
इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने एक कार्ड पर “बंटी, बबली और बहू ने मारा” लिखकर घटनास्थल पर छोड़ दिया और फरार हो गया।
12 घंटे में पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
मंगलवार शाम मकान से तेज दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ताला तोड़ा और चारों शव बरामद किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और जांच के आधार पर पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी सनी गुप्ता को उसके मुट्ठीगंज स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल लोहे का पाइप, 1002 ग्राम से अधिक सोना, 360 ग्राम चांदी और नकदी बरामद की गई।

दो पुलिसकर्मी निलंबित, टीम को मिला इनाम
प्रयागराज पुलिस कमिश्नर ने मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में साउथ मलाका चौकी प्रभारी रोहित गौड़ और एसआई मुलायम सिंह यादव को निलंबित कर दिया है। वहीं, इस जटिल मामले का 12 घंटे में खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
पूरे शहर में चर्चा का विषय बना Prayagraj Family Murder Mystery
Prayagraj Family Murder Mystery केवल एक अपराध नहीं, बल्कि लालच, संपत्ति विवाद और टूटते पारिवारिक रिश्तों की भयावह तस्वीर भी सामने लाता है। जिस बेटे ने संपत्ति के लिए अपने ही परिवार को खत्म करने की साजिश रची, वह खुद उसी साजिश का शिकार बन गया। फिलहाल आरोपी सनी गुप्ता पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की आगे की जांच जारी है।
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