विधायक की शादी में बरसात बनी मुसीबत! Deepesh Sahu के विवाह समारोह में खुल गई सरकारी तैयारियों की पोल
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह में सात फेरे लेने पहुंचे विधायक Deepesh Sahu, तेज बारिश और खराब व्यवस्थाओं ने बिगाड़ा पूरा आयोजन
बीजेपी विधायक Deepesh Sahu ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत शादी कर समाज को संदेश देने की कोशिश की, लेकिन अचानक आई बारिश ने पूरे आयोजन की पोल खोल दी। पंडाल फट गया, दूल्हा-दुल्हन भीग गए, मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाए और नवविवाहित जोड़ों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठा दिए। आखिर क्या हुआ बेमेतरा के इस हाई-प्रोफाइल विवाह समारोह में? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
विधायक की शादी में बारिश बनी मुसीबत! Deepesh Sahu के विवाह समारोह में खुल गई सरकारी तैयारियों की पोल
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का सामूहिक विवाह सम्मेलन उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब कार्यक्रम के बीच अचानक आई तेज बारिश ने पूरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। इस आयोजन की सबसे खास बात यह थी कि बेमेतरा से बीजेपी विधायक दीपेश साहू भी इसी सामूहिक विवाह समारोह में अपनी जीवनसंगिनी के साथ सात फेरे लेने पहुंचे थे। विधायक का यह फैसला समाज में समानता और सादगी का संदेश देने के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन मौसम की मार और कमजोर व्यवस्थाओं ने पूरे कार्यक्रम को सवालों के घेरे में ला दिया।
सामूहिक विवाह में शामिल हुए विधायक Deepesh Sahu
बीजेपी के युवा विधायक दीपेश साहू ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी करने का निर्णय लिया था। उन्होंने आम लोगों के साथ विवाह कर सामाजिक समानता का संदेश देने की कोशिश की। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री की पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अपील का पालन करते हुए शादी समारोह में ई-रिक्शा का उपयोग किया और उसी से मंडप तक पहुंचे।
विधायक Deepesh Sahu के इस सादगीपूर्ण अंदाज की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही थी। बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन को देखने पहुंचे थे और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना थी।
शादी शुरू होते ही बरस पड़े बादल
शादी की रस्में शुरू ही हुई थीं कि अचानक मौसम ने करवट ले ली। आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही मिनटों में पूरा विवाह स्थल पानी से भर गया।
बारिश इतनी तेज थी कि दूल्हा-दुल्हन, बाराती, घराती और आयोजन में मौजूद सैकड़ों लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। जिसे जो मिला, उसने उसे ही सिर पर रखकर बारिश से बचने की कोशिश की। कई लोग कुर्सियां, बैनर और अन्य सामान सिर पर रखकर सुरक्षित स्थान खोजते दिखे।
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मुख्यमंत्री नहीं पहुंच पाए विवाह स्थल
इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भी शामिल होना था। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पहले से तय था और उनके लिए विशेष मंच तथा बैठने की व्यवस्था भी की गई थी। लेकिन बारिश और तेज हवाओं की वजह से हालात इतने बिगड़ गए कि मुख्यमंत्री विवाह स्थल तक नहीं पहुंच सके।
बताया गया कि मुख्यमंत्री को सीधे जिला पंचायत सभागार ले जाया गया, जहां उन्होंने निर्धारित समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। इसके बाद सवाल उठने लगे कि जब कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का आगमन प्रस्तावित था और हजारों लोगों की मौजूदगी की उम्मीद थी, तो मौसम को देखते हुए बेहतर और मजबूत इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
हवा में फटा पंडाल, उजागर हुई तैयारियों की हकीकत
बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने आयोजन स्थल पर लगाए गए पंडाल को भी नुकसान पहुंचाया। जहां मुख्यमंत्री के बैठने की व्यवस्था की गई थी, वहां लगा पंडाल हवा और बारिश के दबाव को नहीं झेल सका और फट गया।
कुछ ही देर में कार्यक्रम स्थल अस्त-व्यस्त हो गया। कई जगहों पर पानी भर गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। आयोजन की तैयारियों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे।
नवविवाहित जोड़ों ने जताई नाराजगी
बारिश और अव्यवस्था के कारण सिर्फ मेहमान ही नहीं, बल्कि सामूहिक विवाह में शामिल अन्य नवविवाहित जोड़े भी नाराज नजर आए। मीडिया से बातचीत के दौरान कई जोड़ों ने कहा कि जब कार्यक्रम में विधायक की शादी होनी थी और मुख्यमंत्री भी आने वाले थे, तब प्रशासन को मजबूत और बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए थी।
उनका कहना था कि इस तरह की स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी शादी करने वाले जोड़ों और उनके परिवारों को हुई। लोगों ने सवाल उठाया कि इतने बड़े आयोजन के बावजूद मौसम को लेकर पर्याप्त तैयारी क्यों नहीं की गई।
चर्चा में बना आयोजन
एक तरफ विधायक Deepesh Sahu की सादगीपूर्ण शादी की चर्चा हो रही है, तो दूसरी ओर बारिश के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह आयोजन सिर्फ एक सामूहिक विवाह सम्मेलन नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्थाओं और उनकी तैयारियों को लेकर बहस का विषय बन गया है।
