इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया की पावर पॉलिटिक्स, राहुल गांधी के सामने रख दी मांगों की लंबी लिस्ट

सिद्धारमैया ने राहुल गांधी के सामने रख दी मांगों की लंबी लिस्ट

कर्नाटक की राजनीति में बड़े बदलाव के बीच पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे. मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उनकी यह पहली बड़ी राजनीतिक मुलाकात रही, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से चर्चा की. माना जा रहा है कि बैठक में नई सरकार के गठन और सत्ता संतुलन को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई.

समर्थकों को सरकार में जगह दिलाने की कोशिश

सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने कांग्रेस हाईकमान के सामने अपने करीबी नेताओं और समर्थकों को नई सरकार में अहम जिम्मेदारियां देने की मांग रखी. उन्होंने राज्यसभा और विधान परिषद नियुक्तियों को लेकर भी कुछ नाम नेतृत्व को सुझाए हैं. पार्टी के भीतर इसे अपने राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखने की रणनीति माना जा रहा है.

बेटे यतींद्र के लिए अहम विभागों की मांग

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सिद्धारमैया ने अपने बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को नई सरकार में मजबूत भूमिका दिलाने की कोशिश की है. सूत्रों का दावा है कि उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, उद्योग, जल संसाधन और पिछड़ा वर्ग कल्याण जैसे बड़े मंत्रालयों की मांग की है. हालांकि पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

डीके शिवकुमार के नाम पर बढ़ी हलचल

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के बाद डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है. कांग्रेस हाईकमान लगातार बैठकों के जरिए सरकार गठन की रणनीति तैयार कर रहा है. माना जा रहा है कि जल्द ही नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल को लेकर आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है.

कांग्रेस के लिए आसान नहीं सत्ता संतुलन

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों ही राज्य कांग्रेस के बड़े और प्रभावशाली चेहरे हैं. ऐसे में नई सरकार में दोनों गुटों के बीच संतुलन बनाए रखना पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है. फिलहाल दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है और कर्नाटक की राजनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

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