Gir Lion Deaths 2026: गुजरात के गिर जंगल में 7 एशियाई शेरों की मौत से हड़कंप, 17 शेर क्वारंटाइन में

Gir Lion Deaths 2026

गिर जंगल में 7 एशियाई शेरों की मौत के बाद 17 शेरों को क्वारंटाइन किया गया है। संक्रमण की आशंका पर वन विभाग अलर्ट पर है।

Gir Lion Deaths 2026 को लेकर गुजरात में हड़कंप मच गया है। पिछले कुछ दिनों के भीतर गिर जंगल में 7 एशियाई शेरों की मौत हो गई है। लगातार हो रही इन मौतों ने वन विभाग और राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

गिर जंगल दुनिया में एशियाई शेरों का आखिरी प्राकृतिक बसेरा माना जाता है। ऐसे में लगातार हो रही मौतों को बेहद गंभीर माना जा रहा है। वन विभाग ने पूरे गिर क्षेत्र में अलर्ट जारी कर विशेष निगरानी अभियान शुरू कर दिया है।

 

संक्रमण की आशंका पर 17 शेर क्वारंटाइन में

Gir Lion Deaths 2026 मामले में संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने 17 शेरों को क्वारंटाइन में रखा है। अधिकारियों के मुताबिक इनमें से 8 शेरों में संक्रमण जैसे लक्षण पाए गए हैं।

हालात की गंभीरता को देखते हुए जंगल में विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है। सैकड़ों वनकर्मियों को निगरानी अभियान में लगाया गया है ताकि किसी भी नए संक्रमण को समय रहते रोका जा सके।

 

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने की हाई लेवल बैठक

गुजरात के मुख्यमंत्री Bhupendra Patel ने मामले को गंभीर मानते हुए अधिकारियों के साथ आपात समीक्षा बैठक की। बैठक में गिर गढ़डा और बाबरिया क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी शेरों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल अन्य शेरों में गंभीर बीमारी के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर लगातार मॉनिटरिंग जारी है। अमरेली और भावनगर जिलों में भी शेरों की गतिविधियों और स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखी जा रही है।

 

सीडीवी और बेबेसिया संक्रमण की आशंका

Gir Lion Deaths 2026 को लेकर राज्यसभा सांसद Parimal Nathwani ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री Bhupender Yadav और गुजरात के वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया को पत्र लिखकर चिंता जताई है।

उन्होंने आशंका जताई कि शेरों की मौत के पीछे कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) और बेबेसिया संक्रमण हो सकता है। पत्र में कहा गया कि गिर राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन और वन विभाग पूरी सतर्कता के साथ हालात पर काम कर रहा है और संक्रमित शेरों के इलाज के प्रयास जारी हैं।

 

जांच के लिए भेजे गए सैंपल

प्रधान मुख्य वन संरक्षक Dr. Jaipal Singh ने बताया कि मृत शेरों में संक्रमण के संकेत मिले हैं, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वायरस सीडीवी ही है या कोई अन्य संक्रमण।

उन्होंने कहा कि जांच के लिए सैंपल लैब भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है। रिपोर्ट के बाद ही मौतों की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

 

12 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात

Gir Lion Deaths 2026 मामले में संक्रमित और संदिग्ध शेरों की निगरानी और उपचार के लिए 12 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बनाई गई है। इस टीम में जूनागढ़ वेटरनरी कॉलेज के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।

डॉक्टर लगातार क्वारंटाइन किए गए शेरों की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा वन विभाग ने करीब 250 कर्मचारियों को विशेष अभियान में लगाया है। जामनगर, सूरत, राजकोट, कच्छ और जूनागढ़ से भी अतिरिक्त अधिकारी और वनकर्मी गिर भेजे गए हैं।

 

शेरों को बचाने के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान

गर्मी के मौसम में फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए 350 से अधिक शेरों की डी-टिकिंग प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मृत शेर पहले से किसी बीमारी से ग्रसित तो नहीं थे।

वन विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।

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