RCB vs GT Qualifier: धर्मशाला की पिच पर किसका चलेगा जादू? आरसीबी और गुजरात के बीच जंग
RCB vs GT: धर्मशाला में रन बरसेंगे या तेज गेंदबाज मचाएंगे कहर? पहले क्वालीफायर में पावरप्ले बन सकता है जीत-हार का सबसे बड़ा फैसला
धर्मशाला की पिच को कभी गेंदबाजों का स्वर्ग कहा जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। यहां रन भी बरस रहे हैं और विकेट भी गिर रहे हैं। RCB vs GT के बीच पहले क्वालीफायर में कौन मारेगा बाजी? जवाब छिपा है सिर्फ शुरुआती छह ओवरों में…
धर्मशाला की पिच पर किसका चलेगा दांव? RCB vs GT के बीच तेज गेंदबाजों की असली परीक्षा
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इस सीजन का पहला क्वालीफायर मुकाबला मंगलवार 26 मई को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और गुजरात टाइटंस (जीटी) आमने-सामने होंगी। इस मुकाबले में केवल दो मजबूत टीमों की भिड़ंत नहीं होगी, बल्कि बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों के बीच भी एक दिलचस्प जंग देखने को मिल सकती है।
धर्मशाला की पिच को लंबे समय तक तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल माना जाता रहा है। यहां की अतिरिक्त उछाल, नई गेंद से मिलने वाली स्विंग और ठंडी पहाड़ी हवा गेंदबाजों को मदद देती है। लेकिन इस सीजन के आंकड़ों ने इस धारणा को कुछ हद तक बदल दिया है। अब यह मैदान सिर्फ गेंदबाजों के लिए नहीं बल्कि बल्लेबाजों के लिए भी अनुकूल साबित हो रहा है।
धर्मशाला में बल्लेबाजों का भी दिखा दम
इस सीजन धर्मशाला में खेले गए तीनों मुकाबलों में पहली पारी का स्कोर 200 रन के पार पहुंचा है। यह साफ दिखाता है कि अगर बल्लेबाज शुरुआती कुछ ओवरों की चुनौती पार कर लें, तो उनके लिए बड़े शॉट खेलना आसान हो जाता है।
पिच पर गेंद की गति एक जैसी रहती है और उछाल भी संतुलित मिलता है, जिससे बल्लेबाजों को शॉट खेलने में आसानी होती है। साथ ही तेज आउटफील्ड भी बल्लेबाजों को अतिरिक्त मदद देती है। यही वजह रही कि शुरुआती संघर्ष के बाद बाद के ओवरों में रनों की बारिश देखने को मिली।
शुरुआती छह ओवर तय कर सकते हैं RCB vs GT मैच की दिशा
धर्मशाला की सबसे बड़ी खासियत पारी के शुरुआती ओवरों में गेंद का मूव करना है। समुद्र तल से लगभग 1450 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मैदान भारत के चुनिंदा मैदानों में शामिल है जहां तेज गेंदबाजों को लगातार स्विंग और अतिरिक्त बाउंस मिलता है।
इस कारण पहले क्वालीफायर में काफी कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन-सी टीम शुरुआती छह ओवरों यानी पावरप्ले में गेंद से बेहतर प्रदर्शन करती है। शुरुआती विकेट मैच की दिशा पूरी तरह बदल सकते हैं।
आरसीबी को मिल सकती है हल्की बढ़त
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को इस मुकाबले में मामूली बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह उनका संतुलित तेज गेंदबाजी आक्रमण है।
भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड की अगुवाई वाला गेंदबाजी विभाग नई गेंद से स्विंग कराने और सही हार्ड लेंथ पर लगातार गेंदबाजी करने में माहिर माना जाता है। धर्मशाला जैसी परिस्थितियों में यह रणनीति अक्सर सफल साबित हुई है।
हाल ही में पंजाब किंग्स के खिलाफ आरसीबी ने 222 रन जैसा बड़ा स्कोर डिफेंड किया था। उस मुकाबले में उनके तेज गेंदबाज लगातार अंतराल पर विकेट लेते रहे और विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा।
गुजरात के पास रफ्तार, लेकिन स्पिन बन सकती है चिंता
दूसरी तरफ गुजरात टाइटंस के पास भी तेज गेंदबाजी में अच्छी रफ्तार मौजूद है। धर्मशाला की अतिरिक्त उछाल उनके गेंदबाजों को और अधिक खतरनाक बना सकती है।
हालांकि गुजरात के लिए स्पिन विभाग थोड़ी चिंता का विषय हो सकता है। राशिद खान जैसे अनुभवी गेंदबाज आमतौर पर मैच पलटने की क्षमता रखते हैं, लेकिन इस पिच पर स्पिनरों की भूमिका सीमित नजर आती है।
इस सीजन यहां खेले गए मुकाबलों में अधिकतर विकेट तेज गेंदबाजों ने हासिल किए हैं, जबकि स्पिन गेंदबाजों का प्रभाव अपेक्षाकृत कम देखने को मिला है।
टॉस भी निभा सकता है अहम भूमिका
धर्मशाला में टॉस भी मैच का बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है। इस सीजन यहां खेले गए तीन मुकाबलों में से दो मैच लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने जीते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह ओस और पुरानी गेंद के साथ बल्लेबाजी का आसान हो जाना है।
ऐसे में दोनों टीमों की पहली कोशिश टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनने की हो सकती है। कुल मिलाकर मुकाबला बेहद रोमांचक नजर आ रहा है, लेकिन शुरुआती ओवरों में बेहतर गेंदबाजी करने वाली टीम जीत की ओर मजबूत कदम बढ़ा सकती है।
