Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, लगातार तीसरी बार बढ़े दाम… जानें रेट
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। नई दरों के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत कई शहरों में ईंधन के दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं।
Petrol Diesel Price Hike : देशभर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। इस महीने में यह तीसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। लगातार बढ़ रही कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है।
इससे पहले भी इसी सप्ताह पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं कुछ दिन पहले दोनों ईंधनों की कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ था। लगातार बढ़ते दामों से परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं कोलकाता में पेट्रोल 110.64 रुपये और डीजल 97.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 108.49 रुपये और डीजल 95.02 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 105.31 रुपये और डीजल 96.98 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
रायपुर में भी पेट्रोल की कीमत बढ़कर 105.36 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जिससे आम वाहन चालकों की चिंता और बढ़ गई है।
सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक ईंधन की कीमतें स्थिर रखने की वजह से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक तेल कंपनियां हर महीने करीब 1000 करोड़ रुपये का भार सहन कर रही थीं। इसी कारण अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के अनुसार घरेलू कीमतों में बदलाव किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इसी तरह तेजी बनी रही, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। उस दौरान आम लोगों को राहत देने के लिए ईंधन मूल्य संशोधन रोक दिया गया था। लेकिन अब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर तेजी से बढ़ रही हैं।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाला कोई भी बदलाव सीधे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को प्रभावित करता है।
