CG Private School Fees: फीस और यूनिफॉर्म की मनमानी पर लगेगी लगाम, सरकार ने बनाई निगरानी समिति
CG Private School Fees: प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली, किताब और यूनिफॉर्म की ओवरप्राइसिंग पर अब सरकार ने निगरानी तंत्र को किया और मजबूत
CG Private School Fees: छत्तीसगढ़ में प्राइवेट स्कूलों की फीस और यूनिफॉर्म-ड्रेस की मनमानी पर अब सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। हर जिले में निगरानी समिति और विकासखंड स्तर पर जांच दल बनाए जा रहे हैं, जिसमें कलेक्टर से लेकर GST अधिकारी तक शामिल होंगे। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिस्टम सच में स्कूलों की मनमानी पर रोक लगा पाएगा या फिर शिकायतें सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएंगी, जानने के लिए पूरा मामला पढ़ें।
CG Private School Fees: प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर सरकार का बड़ा फैसला
छत्तीसगढ़ में लगातार सामने आ रही प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि और किताब-यूनिफॉर्म की ओवरप्राइसिंग पर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में निगरानी समितियों के गठन का निर्णय लिया है।
हर जिले में बनेगी निगरानी समिति
नई व्यवस्था के तहत अब हर जिले में एक निगरानी समिति बनाई जाएगी। इस समिति में जिले के कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और सहायक आयुक्त (GST) को शामिल किया गया है। यह समिति निजी स्कूलों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी।
विकासखंड स्तर पर भी बनेगी जांच टीम
सरकार ने केवल जिला स्तर ही नहीं, बल्कि विकासखंड स्तर पर भी जांच दल गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस टीम में एसडीएम, बीईओ और जीएसटी इंस्पेक्टर शामिल होंगे। ये टीमें स्कूलों में फीस, ड्रेस और किताबों की कीमतों की जांच करेंगी।
शिकायतों पर सख्त कार्रवाई का दावा
शिक्षा विभाग के अनुसार, निजी स्कूलों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलती रही हैं। कई मामलों में कार्रवाई भी हुई, लेकिन कुछ समय बाद फिर से मनमानी शुरू हो जाती थी। इसी वजह से अब स्थायी निगरानी तंत्र तैयार किया गया है।

कलेक्टरों को मिले विशेष निर्देश
स्कूल शिक्षा सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का दावा है कि इससे निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रभावी रोक लगेगी।
अब सबकी नजर असर पर
हालांकि सरकार ने सख्त व्यवस्था लागू की है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह निगरानी समिति वास्तव में निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगा पाएगी या फिर पुरानी शिकायतें दोहराई जाती रहेंगी।
