9 दिन की अग्नि परीक्षा! सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश से इन राशियों की चमकेगी किस्मत
सूर्य देव 25 मई को रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ नौतपा की शुरुआत मानी जाती है। ज्योतिष के अनुसार यह समय कुछ राशियों के लिए धन और तरक्की के नए अवसर लेकर आ सकता है।
25 मई 2026 से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य देव दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर कृतिका नक्षत्र से निकलकर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ नौतपा का आरंभ होगा, जो 2 जून तक चलेगा। मान्यता है कि इन 9 दिनों में सूर्य का प्रभाव बेहद तेज हो जाता है और गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है।
ज्योतिष शास्त्र में रोहिणी नक्षत्र को बेहद खास माना गया है। यह नक्षत्र वृषभ राशि में स्थित है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, जबकि नक्षत्र के अधिपति चंद्रमा माने जाते हैं। शुक्र और चंद्रमा दोनों को शीतलता, सौंदर्य और सुख का प्रतीक माना जाता है, जबकि सूर्य अग्नि और ऊर्जा के कारक हैं। ऐसे में सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश वातावरण में तीव्र गर्मी और असंतुलन पैदा करता है।
ज्योतिषियों के अनुसार सूर्य और शुक्र परस्पर विरोधी ग्रह माने जाते हैं। सूर्य अनुशासन और तप का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि शुक्र सुख और भोग-विलास के कारक हैं। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश इन दोनों ऊर्जाओं के टकराव का संकेत माना जाता है, जिसके कारण नौतपा के दौरान भीषण गर्मी पड़ती है।
हालांकि यह समय सिर्फ गर्मी ही नहीं बल्कि कुछ राशियों के लिए तरक्की और धन लाभ के संकेत भी लेकर आ सकता है। ज्योतिष के अनुसार मेष, वृषभ, सिंह और कन्या राशि वालों के लिए यह अवधि शुभ मानी जा रही है। करियर में उन्नति, आर्थिक लाभ और नए अवसर मिलने की संभावना बन सकती है।
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव की कृपा पाने के लिए कुछ उपाय भी बताए गए हैं। सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से जल में लाल चंदन मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना गया है। साथ ही “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करने और गेहूं, गुड़ या तांबे का दान करने की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान क्रोध, अहंकार और बड़ों के अपमान से बचना चाहिए। शांत व्यवहार और सकारात्मक सोच बनाए रखने से सूर्य की कृपा प्राप्त हो सकती है।
