“राहुल पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं” राहुल गांधी ने मोदी-शाह को बताया गद्दार, रायबरेली में जमकर बरसे…

रायबरेली की जनसभा में राहुल गांधी ने महंगाई, संविधान और बेरोजगारी के मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा, जिसके बाद बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

 

लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें “गद्दार” करार दिया है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने महंगाई, बेरोजगारी, संविधान की सुरक्षा और आर्थिक नीतियों पर केंद्र सरकार को घेरा। उनका यह बयान तुरंत राजनीतिक गलियारों में तूफान बन गया है।

 

सभा में राहुल गांधी ने कहा, “आपका प्रधानमंत्री और गृह मंत्री गद्दार हैं। जब भी BJP-RSS के लोग आपके सामने आएं और नरेंद्र मोदी-अमित शाह की बात करें, तो आप उनसे खुलकर कहिए कि नरेंद्र मोदी-अमित शाह गद्दार हैं, BJP-RSS गद्दार हैं। क्योंकि इन्होंने मिलकर देश को बेचने का काम किया है।”

 

राहुल ने संविधान को लेकर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने कहा था कि हिंदुस्तान में हर नागरिक समान है, लेकिन RSS जब संविधान को कमजोर करने की कोशिश करता है तो कुछ लोग चुप रह जाते हैं। “यह संविधान जनता का खून और आवाज है। इसकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। यह देश किसी एक जाति या संगठन का नहीं, सबका है,” राहुल ने जोर देकर कहा।

 

BJP का तगड़ा पलटवार

राहुल गांधी के इस विवादित बयान पर भाजपा ने तीखा जवाब दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को नहीं, बल्कि पूरे 140 करोड़ देशवासियों को गद्दार कहा है। भाजपा नेताओं ने राहुल की सोच को “अर्बन नक्सल” और “पाकिस्तान की भाषा” तक बताया।

 

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “देश के हितों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ‘खुद्दार’ हैं। ऐसे कर्मनिष्ठ नेताओं को राहुल गांधी का ‘गद्दार’ कहना उनके मानसिक दिवालियापन को उजागर करता है।”

 

 राजनीतिक बवाल तेज

राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष केंद्र सरकार के खिलाफ महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर लगातार हमलावर है। वहीं, भाजपा इसे राहुल की हताशा और जुमलेबाजी बताकर खारिज कर रही है।

 

यह घटना 2026 के राजनीतिक माहौल को और गरमाने वाली साबित हो रही है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला अब और तेज होने की संभावना है।

 

क्या राहुल का यह हमला विपक्ष को नई ऊर्जा देगा या भाजपा इसे विपक्ष की नकारात्मक राजनीति का सबूत बनाकर फायदा उठाएगी? जनता का फैसला आने वाले समय में होगा।

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