Hormuz Strait Tension: अमेरिका का बड़ा दावा, ईरानी बंदरगाहों के पास 78 कारोबारी जहाजों का बदला गया रास्ता
Hormuz Strait Tension के बीच अमेरिका ने दावा किया है कि 78 कारोबारी जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा जबकि 4 जहाजों को रोका गया। CENTCOM ने ईरान के खिलाफ समुद्री कार्रवाई तेज कर दी है।
Hormuz Strait Tension: अमेरिका का बड़ा दावा, ईरानी बंदरगाहों के पास 78 कारोबारी जहाजों का बदला गया रास्ता होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की बड़ी समुद्री कार्रवाई
Hormuz Strait Tension के बीच अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने बड़ा दावा किया है। अमेरिका के मुताबिक, ईरानी बंदरगाहों के आसपास बढ़ते तनाव के कारण अब तक 78 कारोबारी जहाजों को अपना निर्धारित समुद्री मार्ग बदलना पड़ा है। इसके अलावा 4 जहाजों को “डिसेबल” भी किया गया ताकि वे ईरानी बंदरगाहों तक न पहुंच सकें।
अमेरिकी नौसेना की यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ लागू की गई समुद्री नाकेबंदी का हिस्सा मानी जा रही है। CENTCOM ने शनिवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और समुद्री नियमों को लागू करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
Hormuz Strait Tension के बीच अमेरिका ने बढ़ाई निगरानी
अमेरिका का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और यहां सुरक्षा बनाए रखना जरूरी है। यही कारण है कि अमेरिकी नौसेना ने इस इलाके में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं।
CENTCOM के अनुसार, जिन 78 जहाजों का रास्ता बदला गया, वे ईरानी बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे थे। वहीं चार जहाजों को इस तरह रोका गया कि वे आगे समुद्री संचालन करने की स्थिति में नहीं रहे।
Hormuz Strait Tension के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल सप्लाई को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। होर्मुज स्ट्रेट वह रणनीतिक समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की सप्लाई होती है।
ईरान पर अमेरिका के गंभीर आरोप
अमेरिका का आरोप है कि ईरान इस समुद्री मार्ग का इस्तेमाल अपने आर्थिक और सैन्य हितों को आगे बढ़ाने के लिए कर रहा है। इसी वजह से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की निगरानी तेज कर दी है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। हालांकि ईरान की ओर से अब तक इस अमेरिकी दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी
Hormuz Strait Tension के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को लेकर सख्त बयान दिया है। फ्रांसीसी चैनल BFMTV को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास समझौता करने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं हैं।
ट्रंप ने कहा, “अगर ईरान डील नहीं करता, तो उसे बहुत बुरा वक्त देखना पड़ेगा।” हालांकि उन्होंने यह भी माना कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों देशों के बीच जल्द कोई समझौता हो पाएगा या नहीं।
ट्रंप ने इससे पहले दावा किया था कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी इस बात से सहमत हैं कि ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खुला रखना चाहिए। हालांकि चीन ने इस बयान पर सीधी सहमति नहीं जताई।
चीन ने क्या कहा
चीन की ओर से सिर्फ इतना कहा गया कि यह संघर्ष “होना ही नहीं चाहिए था” और इसे जल्द खत्म किया जाना चाहिए। चीन ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Hormuz Strait Tension और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर पड़ सकता है। चीन समेत कई बड़े देश इस समुद्री मार्ग पर ऊर्जा आपूर्ति के लिए निर्भर हैं।
पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ था सीजफायर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल महीने में पाकिस्तान की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच अस्थायी सीजफायर लागू हुआ था। हालांकि अब तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो पाया है।
इसके बावजूद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के आसपास निगरानी और दबाव बनाए रखा है। अमेरिकी नौसेना लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय है और कई जहाजों की जांच की जा रही है।
तेल बाजार पर बढ़ सकती है चिंता
Hormuz Strait Tensionबढ़ने से वैश्विक तेल बाजार में भी अस्थिरता की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री गतिविधियां प्रभावित होती हैं तो तेल और गैस की कीमतों में तेजी आ सकती है।
दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव सीधे ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंता जता रहा है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
फिलहाल Hormuz Strait Tension को लेकर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अमेरिका की समुद्री कार्रवाई और ईरान के खिलाफ बढ़ते दबाव के कारण आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो इसका असर वैश्विक व्यापार, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
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