बड़ी खबर: कांकेर में IED ब्लास्ट से बड़ा हादसा, DRG के 4 जवान शहीद
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां नक्सल प्रभावित क्षेत्र में डिमाइनिंग ऑपरेशन के दौरान हुए IED विस्फोट में DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के 4 जवान शहीद हो गए। इस हादसे ने पूरे बस्तर संभाग को झकझोर कर रख दिया है और सुरक्षा बलों में शोक की लहर दौड़ गई है।
IED निष्क्रिय करते समय हुआ विस्फोट
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 2 मई को कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में कांकेर-नारायणपुर सीमा के पास हुई। DRG की टीम इलाके में एरिया डॉमिनेशन, सर्चिंग और डिमाइनिंग ऑपरेशन पर निकली थी।
ऑपरेशन के दौरान टीम को नक्सलियों द्वारा पहले से लगाए गए IED की जानकारी मिली। जब जवान उसे निष्क्रिय करने की कोशिश कर रहे थे, तभी अचानक विस्फोट हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इंस्पेक्टर सहित जवानों ने दी शहादत
इस दर्दनाक हादसे में DRG के प्रभारी इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले की मौके पर ही शहादत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस तरह इस घटना में कुल 4 जवानों ने अपनी जान गंवाई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।




क्षेत्र में अब भी मौजूद हैं छिपे खतरे
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि हाल के महीनों में सुरक्षा बलों ने आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर सैकड़ों IED बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया है। इसके बावजूद यह घटना इस बात का संकेत है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी बड़ी संख्या में छिपे हुए विस्फोटक मौजूद हैं, जो सुरक्षा बलों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।
सर्च ऑपरेशन के दौरान IED का बढ़ा खतरा
नक्सल प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे सर्च और डिमाइनिंग ऑपरेशन हमेशा जोखिम भरे होते हैं। सुरक्षा बल लगातार इन क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने के लिए अभियान चला रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं उनके सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर करती हैं।
बस्तर में शोक की लहर
इस हादसे के बाद पूरे बस्तर संभाग में शोक का माहौल है। शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा रही है।
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