बस्तर को विकास की सौगात: मुख्यमंत्री ने सुकमा में 308 करोड़ रुपये के 228 कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास

बस्तर को विकास की सौगात

बस्तर : नक्सलवाद के प्रभाव से उबरते हुए बस्तर क्षेत्र में विकास की नई शुरुआत देखने को मिली। सुकमा जिले में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 308 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 228 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 कार्यों का लोकार्पण शामिल है, जिससे क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

सुकमा में हुआ भव्य कार्यक्रम

सुकमा के मिनी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता उन इलाकों का विकास करना है जो लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण पीछे रह गए थे। उन्होंने बताया कि अब बस्तर में शांति का माहौल बन रहा है और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव की शुरुआत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 3 हजार से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इन प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में धीरे-धीरे विश्वास और स्थिरता लौट रही है।

बस्तर को विकास की सौगात

स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

कार्यक्रम में “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने की पहल की गई। इसके लिए 7 जिलों में 1100 टीमों को तैनात किया जाएगा जो लोगों की स्वास्थ्य जांच करेंगी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य स्टॉलों का निरीक्षण किया और टीबी मुक्त पंचायतों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। अब तक 28 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है।

दिव्यांगजनों और जरूरतमंदों को सहायता

कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को सहायता प्रदान की गई। आईईडी ब्लास्ट में प्रभावित लोगों को कृत्रिम अंग दिए गए, साथ ही व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल भी वितरित की गई। कई लाभार्थियों को पहचान पत्र देकर सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया।

महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन

महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें “लखपति दीदी” बनने का लक्ष्य देते हुए सरकार की ओर से हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया। साथ ही दो ई-रिक्शा भी वितरित किए गए ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।

बस्तर को विकास की सौगात

आवास और वन अधिकार योजनाओं का लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों से बातचीत कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से वन अधिकार पत्र वितरित किए गए, जिससे आदिवासी परिवारों को कानूनी अधिकार सुनिश्चित हुए।

नियद नेल्लानार योजना का विस्तार

नियद नेल्लानार योजना के तहत अब तक 500 से अधिक गांवों में विकास कार्य किए जा चुके हैं। इस योजना के अगले चरण में और जिलों को शामिल किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं और मजबूत होंगी।

क्षेत्र के लिए नई घोषणाएं

कार्यक्रम में सड़क, पुलिया, बस स्टैंड, सामुदायिक भवन और मंदिर जीर्णोद्धार जैसी 8 प्रमुख घोषणाएं की गईं। इन योजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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