Raigarh Cyber Fraud : लोक सेवा केंद्र की आड़ में चलाया जा रहा था साइबर फ्रॉड रैकेट, 1 गलती और खुल गई पोल…

Raigarh Cyber Fraud

रायगढ़ में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए साइबर ठगी का बड़ा खुलासा। पुलिस ने यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए चल रहे नेटवर्क का पर्दाफाश किया।

 

छत्तीसगढ़ के Raigarh में पुलिस ने एक बड़े Raigarh Cyber Fraud का पर्दाफाश किया है।

संगठित साइबर ठगी गिरोह फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर लोगों को निशाना बना रहा था। यह पूरा रैकेट लोक सेवा केंद्र की आड़ में संचालित किया जा रहा था, जहां से शादी के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही थी।

इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Shashimohan Singh के निर्देशन में अंजाम दिया गया।

 

लोक सेवा केंद्र की आड़ में चल रहा था रैकेट

 

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले लोक सेवा केंद्र के माध्यम से वैध कार्य करते थे।

लेकिन लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी उन्होंने अवैध गतिविधियां जारी रखीं और ठगी का नया तरीका अपनाया।

आरोपियों ने “इंडिया मैट्रिमोनी” नाम से फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया और लोगों को शादी के नाम पर फंसाना शुरू किया।

 

यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए फंसाते थे शिकार

 

Raigarh Cyber Fraud में आरोपियों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का जमकर इस्तेमाल किया।

यूट्यूब चैनलों पर फर्जी प्रोफाइल और फोटो अपलोड किए जाते थे, जिससे लोगों को भरोसा दिलाया जा सके।

इसके बाद फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबरों के जरिए पीड़ितों से संपर्क किया जाता था।

 

रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर वसूली

 

Raigarh Cyber Fraud का पहला चरण रजिस्ट्रेशन फीस से शुरू होता था। आरोपी पीड़ितों से बायोडाटा मंगवाकर यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाते थे।

इसके बाद मीटिंग और बातचीत के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाता था।

व्हाट्सएप क्यूआर कोड के जरिए बार-बार पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे, जिससे पीड़ितों को लगातार आर्थिक नुकसान होता था।

 

पैसे लेने के बाद तोड़ देते थे संपर्क

 

जैसे ही आरोपी पर्याप्त रकम वसूल लेते थे, वे पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे।

अक्सर “रिश्ता पसंद नहीं आया” कहकर मामला खत्म कर दिया जाता था और फिर नए लोगों को निशाना बनाया जाता था।

इस तरह Raigarh Cyber Fraud का यह नेटवर्क लगातार लोगों को ठगता रहा।

 

छापेमारी में मिले अहम सबूत

 

साइबर थाना, महिला थाना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने दरोगापारा क्षेत्र में एक कार्यालय पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान कई अहम सबूत बरामद हुए।

लैपटॉप से फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के प्रमाण मिले हैं, साथ ही विभिन्न विभागों की फर्जी सील और मुहरें भी जब्त की गई हैं।

इसके अलावा संदिग्ध डिजिटल डेटा और फाइलें भी बरामद की गई हैं।

 

दूसरे ठिकाने पर भी कार्रवाई

 

पुलिस ने एक अन्य संस्था पर भी दबिश दी, जहां संचालक ने इस नेटवर्क से जुड़े होने की बात स्वीकार की है।

इससे यह साफ हो गया है कि Raigarh Cyber Fraud कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा है।

 

पुलिस जांच तेज, बड़े नेटवर्क की आशंका

 

पुलिस का मानना है कि इस मामले में कई और लोग शामिल हो सकते हैं।

सभी डिजिटल साक्ष्यों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

जांच के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

 

पुलिस की लोगों से अपील

 

एसएसपी Shashimohan Singh ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट या सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए होने वाली ठगी से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

 

क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे साइबर अपराध

 

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

फर्जी प्रोफाइल, नकली वेबसाइट और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को आसानी से निशाना बनाया जा रहा है।

Raigarh Cyber Fraud इसका ताजा उदाहरण है, जहां तकनीक का गलत इस्तेमाल कर लोगों की भावनाओं और विश्वास का फायदा उठाया गया।

Raigarh में सामने आया Raigarh Cyber Fraud एक बड़े संगठित साइबर अपराध नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

फर्जी मैट्रिमोनियल साइट, यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए ठगी का यह तरीका बेहद खतरनाक है।

ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और किसी भी ऑनलाइन लेन-देन से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें।

 

Read More:

Chhattisgarh Census 2027 : छत्तीसगढ़ में 2 चरणों में पूरी होगी जनगणना, पूछे जाएंगे ये 33 सवाल

ताजा खबरों के लिए Youthwings.in के वॉट्सएप चैनल से जुड़े

Youthwings