Chhattisgarh Census 2027 : छत्तीसगढ़ में 2 चरणों में पूरी होगी जनगणना, पूछे जाएंगे ये 33 सवाल

Chhattisgarh Census 2027

पहला चरण 16 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इस बार पहली बार डिजिटल जनगणना और सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा।

 

Chhattisgarh Census 2027 के तहत राज्य में जनगणना प्रक्रिया का पहला चरण 16 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है।

इस चरण में ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ की जाएगी, जो पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर संचालित होगी।

छत्तीसगढ़ सरकार ने इस बार जनगणना को अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है।

 

पहली बार डिजिटल होगी जनगणना

 

Chhattisgarh Census 2027 इस मायने में खास है क्योंकि यह पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी।

नागरिकों को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए खुद अपनी जानकारी भरने का विकल्प दिया जाएगा, जिसे ‘Self Enumeration’ कहा जा रहा है।

यह सुविधा 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगी।

 

Self Enumeration क्या है?

 

Self Enumeration के तहत नागरिक खुद अपनी जनगणना की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।

इसके बाद एक यूनिक SE ID जनरेट होगी, जिसे प्रगणक के साथ साझा करना होगा।

हालांकि Chhattisgarh Census 2027 में यह प्रक्रिया पूरी तरह वैकल्पिक रखी गई है।

 

यदि कोई व्यक्ति स्वयं जानकारी नहीं भरता है, तो 1 मई से 30 मई 2026 के बीच प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

 

मोबाइल ऐप से होगा पूरा सर्वे

 

इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाएगी। इससे डेटा संग्रहण तेज, सटीक और पारदर्शी होगा।

Chhattisgarh Census 2027 में डिजिटल तकनीक के उपयोग से त्रुटियों को कम करने और रियल-टाइम डेटा अपडेट की सुविधा भी मिलेगी।

 

डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय

 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

Census Act 1948 के तहत इस डेटा का उपयोग केवल नीतिगत और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।

इसका उपयोग किसी जांच या कर संबंधित उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा।

 

62,500 अधिकारी-कर्मचारी लगाए गए

 

जनगणना के लिए राज्य में लगभग 62,500 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

इसमें प्रगणक, पर्यवेक्षक, चार्ज अधिकारी और मास्टर ट्रेनर्स शामिल हैं।

यह कार्य Chhattisgarh के 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों और 19,978 गांवों में किया जाएगा।

 

टोल फ्री नंबर भी जारी

 

जनगणना से जुड़ी जानकारी के लिए सरकार ने 1855 टोल फ्री नंबर जारी किया है।

यह नंबर 16 अप्रैल 2026 से सक्रिय रहेगा और लोगों की सहायता के लिए उपलब्ध रहेगा।

 

दो चरणों में पूरी होगी जनगणना

 

जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा, जो अप्रैल और मई 2026 में पूरा किया जाएगा।

दूसरा चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद मार्च 2027 तक पूरी प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।

 

क्यों जरूरी है जनगणना?

 

जनगणना देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिससे सरकार को जनसंख्या, संसाधनों और जरूरतों का सही आंकड़ा मिलता है।

जनगणना से मिले डेटा के आधार पर भविष्य की नीतियां, योजनाएं और विकास कार्य तय किए जाएंगे।

 

सर्वे में पूछे जाएंगे 33 सवाल

 

पहले चरण में घर-घर सर्वे के दौरान नागरिकों से कुल 33 तरह के सवाल पूछे जाएंगे।

 

मकान से जुड़े पूछे जाएंगे ये सवाल

 

सर्वे में मकान की स्थिति और संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल शामिल होंगे।

इनमें भवन नंबर, जनगणना मकान नंबर, फर्श किस सामग्री का बना है, दीवार किस चीज की बनी है और छत किस प्रकार की है, जैसे प्रश्न शामिल हैं।

इसके अलावा मकान का उपयोग किस उद्देश्य के लिए हो रहा है जैसे रहने के लिए या दुकान के रूप में यह भी पूछा जाएगा।

मकान की वर्तमान स्थिति कैसी है, यह भी सर्वे का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

परिवार से जुड़े सवाल भी होंगे शामिल

 

सर्वे के दौरान परिवार की संरचना और सामाजिक स्थिति से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।

इनमें परिवार का घर नंबर, घर में रहने वाले लोगों की कुल संख्या, परिवार के मुखिया का नाम और उनका लिंग शामिल होगा।

इसके साथ ही मुखिया किस वर्ग से संबंधित है अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य यह जानकारी भी ली जाएगी।

मकान अपना है या किराए का, परिवार के पास रहने के लिए कितने कमरे हैं और घर में कितने शादीशुदा जोड़े रहते हैं, जैसे सवाल भी पूछे जाएंगे।

 

बुनियादी सुविधाओं की भी ली जाएगी जानकारी

 

घरों में उपलब्ध सुविधाओं का भी विस्तृत विवरण लिया जाएगा।इसमें पीने के पानी का स्रोत क्या है और क्या पानी की सुविधा घर के भीतर उपलब्ध है या बाहर, यह पूछा जाएगा।

बिजली या रोशनी का मुख्य साधन क्या है, घर में शौचालय है या नहीं और यदि है तो उसका प्रकार क्या है ये सभी जानकारी दर्ज की जाएगी।

इसके अलावा गंदे पानी की निकासी कैसे होती है, घर में नहाने की जगह है या नहीं और रसोई की सुविधा उपलब्ध है या नहीं, यह भी सर्वे में शामिल होगा।

रसोई में LPG या PNG गैस का उपयोग हो रहा है या नहीं और खाना पकाने का मुख्य ईंधन क्या है, यह भी पूछा जाएगा।

 

डिजिटल और घरेलू संसाधनों पर भी फोकस

 

इस बार जनगणना में डिजिटल पहुंच और घरेलू संसाधनों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

सर्वे में पूछा जाएगा कि घर में रेडियो या ट्रांजिस्टर है या नहीं, टीवी उपलब्ध है या नहीं और इंटरनेट की सुविधा है या नहीं।

इसके साथ ही यह भी दर्ज किया जाएगा कि परिवार के पास लैपटॉप या कंप्यूटर है या नहीं और मोबाइल या फोन की उपलब्धता क्या है।

 

वाहन और अन्य जानकारी भी होगी शामिल

 

सर्वे के दौरान परिवार के पास उपलब्ध वाहनों की जानकारी भी ली जाएगी।

इसमें साइकिल, स्कूटर या बाइक की उपलब्धता और कार, जीप या वैन जैसे चार पहिया वाहनों की जानकारी शामिल होगी।

इसके अलावा परिवार मुख्य रूप से कौन सा अनाज अधिक उपयोग करता है, यह भी पूछा जाएगा।

जनगणना के उद्देश्य से मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा, जिसका उपयोग केवल आधिकारिक कार्य के लिए किया जाएगा।

 

गलत जानकारी देने पर हो सकती है कार्रवाई

 

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान सही जानकारी देना अनिवार्य होगा।

यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है या सर्वे में सहयोग नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

Census Act 1948 के तहत ऐसे मामलों में 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

इसलिए सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं।

 

पूरे राज्य में चलेगा सर्वे अभियान

 

यह सर्वे Chhattisgarh के 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों और 252 तहसीलों में किया जाएगा।

इसके साथ ही लगभग 19,978 गांवों में भी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाएगी।

इसके लिए करीब 49,000 मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं।

जनगणना से जुड़े सवालों के लिए 16 अप्रैल 2026 से टोल फ्री नंबर 1855 भी जारी किया जाएगा।

 

प्रवासियों की गणना को लेकर स्थिति स्पष्ट

 

जनगणना के दौरान प्रवासी लोगों की गणना को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।

यदि कोई व्यक्ति Madhya Pradesh का निवासी है और वर्तमान में Chhattisgarh में नौकरी कर रहा है, तो उसकी गणना उसके मूल निवास यानी मध्य प्रदेश में ही की जाएगी।

इससे लोगों को किसी तरह की भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।

 

दूसरे चरण में होगी जातिगत जनगणना

 

जनगणना कार्य निदेशक Kartikeya Goyal ने बताया कि यह आजादी के बाद की आठवीं जनगणना होगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जातिगत जनगणना दूसरे चरण में की जाएगी, जो फरवरी 2027 में आयोजित होगी।

 

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