Bird flu alert : बिलासपुर में बर्ड फ्लू अलर्ट के बीच चूजों की सप्लाई जारी, बढ़ी चिंता
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद भी चूजों की सप्लाई जारी है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है। रविवार को दिल्ली से बड़ी संख्या में चूजों की खेप बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां इन्हें खुले में उतारकर एकत्रित किया गया। इस दौरान न तो किसी प्रकार की विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई और न ही प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद थे। चूजों की इतनी बड़ी खेप को देखकर स्टेशन पर यात्रियों के बीच भी हड़कंप मच गया।
गौरतलब है कि जिले के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन केंद्र में 30 हजार से अधिक मुर्गियों और पक्षियों की बर्ड फ्लू के कारण मौत हो चुकी है। इसके बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने हाई अलर्ट जारी करते हुए मुर्गियों की बिक्री और सप्लाई पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों में कई मुर्गी फार्म बंद कराए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद चूजों की सप्लाई जारी रहना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
बर्ड फ्लू का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। तखतपुर क्षेत्र में भी मुर्गियों की मौत की पुष्टि हुई है। यहां एक मुर्गी फार्म संचालक द्वारा मृत मुर्गियों को लापरवाही से खुले में फेंक दिया गया, जिन्हें कुत्ते नोचते हुए देखे गए। इससे संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ गया है, लेकिन इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जो कलेक्टोरेट भवन के कक्ष क्रमांक 25 में संचालित हो रहा है। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर 07752-251000 जारी किया गया है, जहां नागरिक बर्ड फ्लू से संबंधित जानकारी या शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
