Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में आया कोर्ट का फैसला, पुलकित आर्य समेत तीनों दोषियों को उम्रकैद
Ankita Bhandari Murder Case
Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में आखिरकार न्यायालय ने दोषियों को सजा सुना दी है। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दो साल आठ महीने और बारह दिन बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में न्यायिक फैसले के साथ पीड़िता के परिवार और आम जनता को बड़ी राहत मिली है।
कोर्ट ने दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा
शुक्रवार को कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया। तीनों पर अंकिता भंडारी की हत्या, सबूत मिटाने और अनैतिक देह व्यापार के लिए दबाव डालने के आरोप सिद्ध हुए। साथ ही मुख्य आरोपी पुलकित आर्य को छेड़छाड़ के आरोप में भी दोषी ठहराया गया। अदालत ने इन अपराधों को अत्यंत गंभीर बताते हुए तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उन पर आर्थिक दंड भी लगाया।
कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेशी, सजा वारंट के साथ भेजे गए जेल
कोर्ट परिसर में शुक्रवार सुबह से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में आम जनता की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित थी। जैसे ही कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई, तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट रूम में लाया गया। सजा तय होने के बाद उन्हें सजा वारंट के साथ जेल भेज दिया गया।
किन धाराओं में दी गई सजा?
मुख्य आरोपी पुलकित आर्य को निम्नलिखित धाराओं में सजा सुनाई गई:
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धारा 302 (हत्या) के तहत कठोर आजीवन कारावास और ₹50,000 का जुर्माना
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धारा 201 (सबूत मिटाना) में 5 साल का कठोर कारावास और ₹10,000 जुर्माना
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धारा 354-क (छेड़छाड़) के तहत 5 साल की सजा और ₹10,000 जुर्माना
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अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 5(1)(घ) के तहत 5 साल की सजा और ₹2,000 जुर्माना
ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अन्य दोनों दोषियों को भी हत्या, साक्ष्य मिटाने और अनैतिक देह व्यापार के आरोपों में समान सजा दी गई।
500 पन्नों की चार्जशीट और 97 गवाह
इस केस की जांच एसआईटी (विशेष जांच दल) को सौंपी गई थी, जिसने 500 पेज की चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में कुल 97 गवाहों को शामिल किया गया। ट्रायल के दौरान इनमें से 47 गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। इसके साथ ही मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया।
2022 से जेल में बंद थे आरोपी
तीनों दोषियों को 22 सितंबर 2022 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से वे लगातार जेल में ही रहे। उन्होंने जिला अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक कई बार जमानत की गुहार लगाई, लेकिन हर बार उनकी याचिका खारिज हुई।
क्या था पूरा मामला?
अंकिता भंडारी, 19 वर्षीय युवती, पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। 18 सितंबर 2022 को रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने अपने कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
आरोप था कि पुलकित अंकिता पर वीआईपी ग्राहकों को ‘स्पेशल सर्विस’ देने का दबाव बना रहा था। जब अंकिता ने इसका विरोध किया तो पुलकित और उसके साथियों ने उसे ऋषिकेश की चीला शक्ति नहर पर ले जाकर कुनाउ पुल से नीचे धक्का दे दिया।
24 सितंबर को अंकिता का शव नहर से बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया, लेकिन शरीर पर चोटों के कई निशान मिले थे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। एक युवा लड़की पर वीआईपी मेहमानों को खुश करने का दबाव बनाया गया, और जब उसने विरोध किया, तो उसकी जान ले ली गई। कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ पीड़िता के लिए इंसाफ है, बल्कि समाज में एक कड़ा संदेश भी देता है कि कानून की पकड़ से कोई नहीं बच सकता, चाहे उसका रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो।
