छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती पर गरमाई राजनीति: कांग्रेस ने बनाई 10 सदस्यीय जांच समिति, भाजपा कार्यालयों का करेगी घेराव

अफीम की खेती पर गरमाई राजनीति

अफीम की खेती पर गरमाई राजनीति

छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दुर्ग जिले के समोदा गांव में अफीम की खेती मिलने के बाद अब बलरामपुर जिले में भी इसी तरह का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरते हुए जांच की मांग तेज कर दी है।

कांग्रेस ने गठित की 10 सदस्यीय जांच समिति

कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति का संयोजक पूर्व विधायक डॉ. प्रीतम राम को बनाया गया है। समिति के सदस्य बलरामपुर और आसपास के क्षेत्रों में जाकर पूरे मामले की पड़ताल करेंगे और अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेंगे। पार्टी का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

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युवाओं को नशे की ओर धकेलने का आरोप

कांग्रेस ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि प्रदेश में अफीम की खेती जैसे गंभीर मामलों के सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इससे प्रदेश के युवाओं को नशे की लत की ओर धकेला जा रहा है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों को संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण यह समस्या बढ़ती जा रही है।

भाजपा कार्यालयों के घेराव का ऐलान

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन का भी ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि गुरुवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भाजपा कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालयों का घेराव कर सरकार से इस मामले में कड़ी कार्रवाई और विस्तृत जांच की मांग करेंगे।

सोशल मीडिया पर भी गरमाई राजनीति

दुर्ग और बलरामपुर में अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने विभिन्न पोस्ट के माध्यम से भाजपा सरकार पर तंज कसना शुरू कर दिया है। कई नेताओं ने पार्टी के नारे और राजनीतिक टिप्पणियों को अफीम की खेती के मामले से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिससे प्रदेश का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है।

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