The Kerala Story 2 Trailer: मेकर्स ने टीजर हटाने की खबरों को बताया फर्जी, केरल हाईकोर्ट ने फिल्म देखने का निर्देश दिया
The Kerala Story 2 Trailer: विपुल शाह प्रोड्यूस्ड फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ का ट्रेलर जारी होते ही विवादों में घिर गया है। फिल्म के टीजर और ट्रेलर पर केरल राज्य की छवि खराब करने का आरोप लगते ही केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। मंगलवार (24 फरवरी 2026) को हुई सुनवाई में कोर्ट ने फिल्म को गलत तरीके से केरल को चित्रित करने पर सख्त टिप्पणी की और रिलीज से पहले फिल्म देखने का निर्देश दिया। हालांकि, मेकर्स ने टीजर-ट्रेलर हटाने की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
मेकर्स का आधिकारिक बयान
सनशाइन पिक्चर्स ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा, “द केरल स्टोरी 2 के टीजर को हटाने की जो खबरें चल रही हैं, वे पूरी तरह गलत, बेबुनियाद और भ्रामक हैं। मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन (sub judice) है। किसी भी अदालत ने फिल्म का टीजर, ट्रेलर या कोई सामग्री हटाने का कोई आदेश नहीं दिया है। हमने भी कुछ नहीं हटाया है। टीजर और ट्रेलर हमारे सभी आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर अभी भी उपलब्ध हैं। मीडिया और लोगों से अपील है कि बिना पुष्ट जानकारी के अफवाहें न फैलाएं, इससे अनावश्यक भ्रम पैदा होता है।”
केरल हाईकोर्ट में क्या हुआ?
याचिकाकर्ता (जिनमें एक बायोलॉजिस्ट और अन्य शामिल हैं) ने फिल्म के CBFC सर्टिफिकेशन को चुनौती दी है। आरोप है कि फिल्म सिनेमैटोग्राफी एक्ट, 1952 का पालन नहीं करती और केरल की छवि को नुकसान पहुंचाती है।
ट्रेलर/टीजर में अलग-अलग राज्यों की महिलाओं की कहानियां दिखाई गई हैं, लेकिन टाइटल ‘केरल स्टोरी’ होने से आतंकवाद, जबरन धर्मांतरण और जनसांख्यिकीय साजिश जैसे मुद्दों को विशेष रूप से केरल से जोड़ा गया है, जो राज्य की सांप्रदायिक सद्भाव वाली छवि को खराब कर सकता है।
जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि “केरल एक सेक्युलर राज्य है जहां लोग पूर्ण सद्भाव में रहते हैं, लेकिन फिल्म में इसे गलत तरीके से दिखाया गया है। इससे भावनाएं भड़क सकती हैं और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। लोगों की आशंकाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
कोर्ट ने CBFC से पूछा कि क्या फिल्म सभी दिशानिर्देशों का पालन करती है।
मेकर्स ने शुरुआत में टीजर हटाने और फिल्म स्क्रीनिंग की सहमति जताई, लेकिन दोपहर की सुनवाई में स्क्रीनिंग के लिए तैयार नहीं दिखे। कोर्ट ने कहा कि “आप कोर्ट को फिल्म नहीं दिखाना चाहते, मामला प्राइवेट या पब्लिक लिटिगेशन पर तय करना चाहते हैं।”
मामला बुधवार (25 फरवरी 2026) को फिर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध। कोर्ट तय करेगा कि 27 फरवरी की रिलीज से पहले फिल्म देखी जाएगी या नहीं। याचिकाकर्ता ने टाइटल बदलने और कुछ हिस्सों में बदलाव की भी मांग की है।
फिल्म 27 फरवरी 2026 को रिलीज होने वाली है। विवाद के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, जहां केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने इसे “झूठी प्रोपगैंडा” बताया है। मेकर्स का कहना है कि फिल्म उत्तर भारतीय राज्यों की कहानियों पर आधारित है, लेकिन टाइटल से जुड़ी आलोचना का सामना कर रही है। मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
