मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में फर्जीवाड़ा, पहले से शादीशुदा जोड़े ने 50 हजार के लिए रचाई दोबारा शादी

पखांजूर। पखांजूर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने के लिए एक पहले से विवाहित जोड़े द्वारा दोबारा शादी रचाने का मामला सामने आया है। खुलासे के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्ती बरतते हुए राशि वापस करने के निर्देश दिए हैं और संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया है।

क्या है पूरा मामला?

सरकार ने 10 फरवरी को प्रदेशभर में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित कर 6,412 जोड़ों की शादी कराई थी। इसी कार्यक्रम में कांकेर जिला के ग्राम पंचायत प्रेमनगर निवासी सुदीप विश्वास और ग्राम पीवी-64 निवासी स्वर्णा मिस्त्री ने भी भाग लिया।

जानकारी के अनुसार, दोनों ने 3 जून 2025 को सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह कर लिया था और साथ रह रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने सामूहिक विवाह योजना में पंजीकरण कराकर 10 फरवरी को दोबारा सात फेरे ले लिए।

बताया जा रहा है कि आवेदन सेक्टर हरनगढ़ से किया गया, जबकि नियमानुसार वधू पक्ष की स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र से आवेदन अनिवार्य होता है। पंचायत से अविवाहित होने का प्रमाण पत्र लिया गया, लेकिन वास्तविक वैवाहिक स्थिति की गहन जांच नहीं की गई।

विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सेक्टर सुपरवाइजर ने बिना पर्याप्त सत्यापन के आवेदन स्वीकार कर लिया।

वायरल तस्वीरों से हुआ खुलासा

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में वर-वधू सिंदूर और बंगाली परंपरा के ‘पोला’ पहने नजर आए, जिससे उनके पहले से विवाहित होने की आशंका मजबूत हुई। योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपए की सहायता दी जाती है, ऐसे में फर्जी पंजीकरण से सरकारी राशि का दुरुपयोग सामने आया।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने नोटिस जारी कर राशि वसूली के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास परियोजना कोयलीबेड़ा-2 पखांजूर द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 35 हजार रुपए की जारी प्रोत्साहन राशि में से 15 हजार रुपए तत्काल वापस जमा कराए जाएं।

दो दिन के भीतर राशि जमा नहीं करने पर संबंधित हितग्राही के खिलाफ गबन की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

 

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