Amit Shah के ‘नक्सलवाद को पनाह’ बयान पर सियासत तेज, कांग्रेस का पलटवार -‘झीरम कांड भाजपा राज में हुआ’

Amit shah

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केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के नक्सलवाद को लेकर दिए गए बयान पर छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। बस्तर के भविष्य को लेकर चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि अगर नक्सलवाद का साया न होता तो आज बस्तर देश के सबसे विकसित क्षेत्रों में शामिल होता।

उन्होंने यह भी संकल्प जताया कि आने वाले 10 वर्षों में बस्तर को देश का सबसे अग्रणी और विकसित जिला बनाया जाएगा। शाह ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान नक्सलवाद को पनाह मिली, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए।

कांग्रेस का तीखा पलटवार

अमित शाह के इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिवकुमार डहरिया ने शाह के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया।

डहरिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में माओवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया था। उनका दावा है कि कांग्रेस शासन में सुरक्षा बलों की रणनीति और विकास योजनाओं के कारण नक्सली घटनाओं में कमी आई थी।

‘भाजपा कार्यकाल में चरम पर था माओवाद’

शिवकुमार डहरिया ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के शासनकाल में ही नक्सलवाद चरम पर था। उन्होंने झीरम घाटी कांड का जिक्र करते हुए कहा कि वह घटना भाजपा सरकार के दौरान हुई थी, जिसे राज्य की सबसे बड़ी नक्सली घटनाओं में गिना जाता है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय सभी दलों को मिलकर समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।

सियासी तापमान हुआ तेज

अमित शाह के बयान और कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी तापमान बढ़ गया है। बस्तर और नक्सलवाद का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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