केंद्रीय बजट निराशाजनक, छत्तीसगढ़ को अडानी के लिए छोड़ा गया: भूपेश बघेल

रायपुर। केंद्रीय बजट पर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इससे देश के किसी वर्ग को राहत नहीं मिली है और छत्तीसगढ़ की अनदेखी की गई है।

मीडिया से चर्चा में भूपेश बघेल ने कहा कि बजट का प्रभाव प्रतिगामी नजर आ रहा है। कृषि, उद्योग, रोजगार और मजदूर वर्ग के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं दिखता। उन्होंने दावा किया कि बजट के बाद शेयर बाजार में गिरावट इसका संकेत है कि आम जनता और निवेशकों को भरोसा नहीं मिला।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यम वर्ग को भी राहत नहीं दी गई है। आयकर स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि बजट में शराब महंगी और मछली सस्ती होने की बात ही प्रमुखता से नजर आई। शराब की कीमत बढ़ने से अवैध शराब के बढ़ने की आशंका भी उन्होंने जताई।

प्रदेश में धान खरीदी को लेकर भी उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि “डबल इंजन” सरकार समय पर धान खरीदी नहीं कर पाई और किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि 31 तारीख बीत जाने के बाद भी कई किसानों का धान नहीं खरीदा गया। छोटे किसानों से समर्पण कराया गया, जबकि बड़े किसानों को टोकन नहीं मिलने की शिकायतें सामने आई हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गारंटी दी गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान परेशान हैं।

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