अश्लील डांस मामले में निलंबित SDM को अंतरिम राहत, 10 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में अश्लील डांस और उरमाल ओपेरा मामले में निलंबित एसडीएम तुलसीदास मरकाम को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। 16 जनवरी को कमिश्नर महादेव कावरे द्वारा जारी निलंबन आदेश पर हाईकोर्ट ने 29 जनवरी को अंतरिम राहत प्रदान की है। साथ ही राज्य सरकार को 10 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद तय की गई है।

 

तुलसीदास मरकाम ने याचिका में कहा था कि निलंबन आदेश में उनके पक्ष को सुने बिना कार्रवाई की गई, जबकि वे राज्य सरकार के अधीन हैं। उन्होंने आदेश को गलत और प्रक्रिया के विपरीत बताया। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद निलंबन पर रोक लगा दी।

 

अंतरिम राहत के बाद एसडीएम की वापसी

राहत मिलने के अगले ही दिन तुलसीदास मरकाम मैनपुर अनुविभागीय कार्यालय पहुंचे और कुर्सी संभाली। उन्होंने कमिश्नर और कलेक्टर को पत्र लिखकर हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी दी। पत्र में याचिका क्रमांक और अंतरिम राहत का विवरण शामिल था। यह पत्र दफ्तर के टेबल से बैठकर लिखा गया और तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

 

कई शुभचिंतकों और अधिकारियों ने इसकी तस्वीरें शेयर कीं। कुछ ने “ये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है” जैसे गाने के साथ पोस्ट कर वायरल किया। सोशल मीडिया पर एसडीएम की वापसी को लेकर जमकर मीम्स और कमेंट्स चल रहे हैं।

 

उरमाल ओपेरा मामला क्या है?

यह मामला गरियाबंद जिले में आयोजित उरमाल ओपेरा में कथित अश्लील डांस और अनुचित गतिविधियों से जुड़ा है। एसडीएम तुलसीदास मरकाम पर इस आयोजन में लापरवाही या संलिप्तता का आरोप लगा था, जिसके चलते कमिश्नर ने उन्हें निलंबित किया था। अब हाईकोर्ट की अंतरिम राहत से एसडीएम ने कार्यभार संभाल लिया है।

मामले में राज्य सरकार को अपना पक्ष रखना होगा। हाईकोर्ट के अंतिम फैसले तक एसडीएम का निलंबन प्रभावी नहीं रहेगा।

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