Union Budget 2026: ‘कैंसर समेत 7 गंभीर बीमारियों की दवाइयां होंगी सस्ती’.. निर्मला सीतारमण ने पेश किया बजट, जानिए क्या सस्ता, क्या महंगा ?

Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां केंद्रीय बजट (Union Budget 2026) पेश किया। बजट भाषण के दौरान उन्होंने शिक्षा, कृषि, पर्यावरण संरक्षण, खेल, टैक्स सुधार और राज्यों को वित्तीय सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों में कई बड़ी घोषणाएं कीं। सरकार ने इस बजट को समावेशी विकास, तकनीक आधारित शासन और आम नागरिकों को राहत देने वाला बताते हुए “विकसित भारत” की दिशा में एक मजबूत कदम करार दिया है।

 

उच्च शिक्षा और छात्राओं पर विशेष जोर

 

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षा क्षेत्र में निवेश को और मजबूत करेगी। इसके तहत नए शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, यूनिवर्सिटी टाउनशिप का विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और सुलभ आवास मिल सके और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़े।

 

इसके अलावा विश्वविद्यालयों और संस्थानों में टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे शिक्षा और रिसर्च को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को देश में ही बेहतर अवसर मिलेंगे और ब्रेन ड्रेन पर भी अंकुश लगेगा।

 

किसानों के लिए ‘भारत विस्तार’ AI प्लेटफॉर्म

 

कृषि क्षेत्र को तकनीक से जोड़ने के लिए वित्त मंत्री ने ‘भारत विस्तार’ नामक एक वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम लॉन्च करने का ऐलान किया। यह एक मल्टीलिंगुअल एआई टूल होगा, जिसे एग्री-स्टैक पोर्टल और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के कृषि प्रैक्टिस पैकेज से जोड़ा जाएगा।

 

इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को फसल, मौसम, कीट नियंत्रण, बीज, उर्वरक और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर और अपनी भाषा में मिल सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे किसानों की निर्णय क्षमता बढ़ेगी और उनकी आय में भी सुधार होगा।

 

पर्यावरण संरक्षण और ईको-टूरिज्म

 

बजट 2026 में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को भी अहम स्थान दिया गया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरणीय रूप से सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा ईस्टर्न घाट्स की अरकू वैली और वेस्टर्न घाट्स में भी ऐसे ट्रेल्स बनाए जाएंगे, जिससे ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

 

साथ ही, ओडिशा, कर्नाटक और केरल में प्रमुख नेस्टिंग साइट्स के साथ टर्टल ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इससे समुद्री जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

 

टैक्स में राहत: आम लोगों को बड़ी सौगात

 

वित्त मंत्री ने टैक्स को लेकर कई राहत भरी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) से मिलने वाले ब्याज पर अब पूरी तरह से इनकम टैक्स से छूट मिलेगी और इस पर लगने वाला टीडीएस भी खत्म कर दिया जाएगा। इससे सड़क दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को सीधी राहत मिलेगी।

 

इसके अलावा छोटे करदाताओं के लिए एक नई सुविधा का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके तहत लोअर या निल डिडक्शन सर्टिफिकेट अब नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया से प्राप्त किया जा सकेगा। इसके लिए करदाताओं को अब निर्धारण अधिकारी के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।

 

निवेशकों को राहत

 

कई कंपनियों के शेयर रखने वाले निवेशकों की सुविधा के लिए सरकार ने प्रस्ताव किया है कि डिपॉजिटरीज अब निवेशकों से फॉर्म 15G और 15H स्वीकार कर उन्हें सीधे संबंधित कंपनियों को उपलब्ध कराएंगी। इससे निवेशकों को बार-बार अलग-अलग जगह फॉर्म जमा करने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी।

 

विदेशी यात्रा और शिक्षा सस्ती

 

वित्त मंत्री ने विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले TCS (Tax Collected at Source) की दरों में बड़ी कटौती की घोषणा की। अब विदेशी टूर प्रोग्राम पैकेज की बिक्री पर टीसीएस की दर को 5% और 20% से घटाकर सिर्फ 2% कर दिया गया है, वह भी बिना किसी राशि की शर्त के।

 

इसके साथ ही उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत विदेश में शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए टीसीएस की दर को भी 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इससे विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और इलाज कराने वाले लोगों को राहत मिलेगी।

 

क्या हुआ सस्ता, क्या महंगा

 

बजट 2026 में कई वस्तुओं को सस्ता और कुछ को महंगा किया गया है। सरकार के फैसले के अनुसार बीड़ी, जूते, कपड़े का निर्यात, CNG, विदेश यात्रा, चमड़ा निर्यात, बायोगैस, अवन बैटरी, सात गंभीर बीमारियों की दवाएं, शुगर की दवा, मछुआरों के लिए निर्यात और विदेश में पढ़ाई सस्ती हो जाएगी।

 

वहीं दूसरी ओर शराब, खनिज और स्क्रैप महंगे हो जाएंगे। सरकार का कहना है कि यह फैसला स्वास्थ्य, पर्यावरण और घरेलू उद्योगों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

 

खेल और खिलाड़ियों पर बड़ा निवेश

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में खेलों के विकास पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया मिशन के तहत खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अंतर्गत प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए एकीकृत प्रतिभा विकास, प्रशिक्षकों और सहायक स्टाफ का व्यवस्थित विकास, खेल विज्ञान और तकनीक का एकीकरण किया जाएगा।

 

इसके अलावा खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए देशभर में प्रतियोगिताओं और खेल आयोजनों को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रशिक्षण और प्रतियोगिता दोनों के लिए खेल अवसंरचना का विस्तार किया जाएगा, जिससे भारत को वैश्विक खेल मंच पर मजबूत बनाया जा सके।

 

राज्यों को टैक्स में 41% हिस्सा बरकरार

 

वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए राज्यों को केंद्रीय करों में 41% हिस्सेदारी देने का फैसला बरकरार रखा है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इससे राज्यों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और वे विकास योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू कर सकेंगे।

 

समावेशी और तकनीक आधारित बजट

 

कुल मिलाकर बजट 2026 को शिक्षा, कृषि, पर्यावरण, खेल और टैक्स सुधारों के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का दावा है कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि आम नागरिकों, किसानों, छात्रों, खिलाड़ियों और राज्यों सभी को सीधा लाभ पहुंचाएगा।

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