Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड में नक्सलियों पर बड़ा प्रहार, 1 करोड़ के इनामी अनल दा समेत 11 नक्सली ढेर, सारंडा जंगल में मुठभेड़

Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार तड़के शुरू हुए सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और भाकपा (माओवादी) नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें 1 करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष नक्सली अनल दा उर्फ तूफान समेत 11 से अधिक नक्सली मारे जाने की सूचना है। हालांकि, अंतिम संख्या और पहचान की आधिकारिक पुष्टि ऑपरेशन समाप्त होने के बाद की जाएगी।

सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई मुठभेड़

जानकारी के अनुसार झारखंड पुलिस, कोबरा बटालियन और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान सारंडा के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए इलाके को चारों ओर से घेर लिया, जिसके बाद मुठभेड़ तेज हो गई।

अनल दा के दस्ते से हुआ आमना-सामना

सूत्रों के मुताबिक सुरक्षाबलों की मुठभेड़ अनल दा उर्फ तूफान के दस्ते से हुई थी, जिसमें 14 से अधिक नक्सली शामिल बताए जा रहे हैं। लगातार जारी फायरिंग में सुरक्षाबलों ने 11 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया। मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी अनल दा के मारे जाने की भी सूचना है, हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इसकी पुष्टि अभी शेष है।

DIG ने मुठभेड़ की पुष्टि की

कोल्हान प्रमंडल के DIG अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है। उन्होंने कहा कि पूरे अभियान के समाप्त होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। सूत्रों का दावा है कि मुठभेड़ में 50 लाख रुपये के इनामी एक अन्य बड़े नक्सली कमांडर को भी मार गिराया गया है।

दुर्गम इलाका, लंबे समय से नक्सली गढ़

सारंडा क्षेत्र दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा हुआ है, जहां नक्सलियों की लंबे समय से मजबूत मौजूदगी रही है। इसी वजह से यहां लगातार बड़े स्तर पर एंटी-नक्सल ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। फिलहाल पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।

कौन था अनल दा उर्फ तूफान?

अनल दा उर्फ तूफान का असली नाम पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश था। वह गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र के झरहाबाले गांव का निवासी था। भाकपा (माओवादी) का सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM), संगठन का बड़ा रणनीतिकार था। वर्ष 1987 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था। हत्या, IED ब्लास्ट, हथियार लूट सहित कई संगीन मामलों में वांछित, सारंडा और गिरिडीह के जंगलों में लंबे समय से सक्रिय था।

हाल के समय में नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलताएं

हाल के महीनों में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को कई अहम सफलताएं मिली हैं-

  • 1 करोड़ के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस की गिरफ्तारी
  • 1 करोड़ के इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य सुधाकर का तेलंगाना में सरेंडर
  • अप्रैल 2025 में प्रयाग मांझी उर्फ विवेक मुठभेड़ में ढेर
  • सितंबर 2025 में अनुज उर्फ सहदेव सोरेन मुठभेड़ में मारा गया

इस ताजा मुठभेड़ को झारखंड में नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

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