ईरान में हिंसा के बीच तेहरान से दिल्ली पहुंची पहली फ्लाइट, भारतीय नागरिकों ने सुनाई डर की कहानी
नई दिल्ली। ईरान में दिसंबर 2025 से जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच तेहरान से दिल्ली पहुंची महान एयर की पहली फ्लाइट ने न केवल यात्रियों को सुरक्षित घर लौटाया, बल्कि वहां की जमीनी हकीकत भी सामने लाई। फ्लाइट में धार्मिक जियारत पर गए श्रद्धालु, छात्र और कामकाजी भारतीय शामिल थे। सभी के चेहरों पर राहत थी, लेकिन उनकी जुबानी सुनी गई कहानियां डर, बेचैनी और अनिश्चितता से भरी थीं।
प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी और ईरानी रियाल के रिकॉर्ड गिरावट से शुरू हुए थे, जो जल्द ही पूरे देश में फैलकर सत्ता विरोधी आंदोलन में बदल गए। तेहरान की सड़कों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें आम हो गईं। अधिकारियों ने इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिया, जिससे हजारों लोग बाहरी दुनिया से कट गए। सोशल मीडिया ठप होने से अफवाहें फैलीं और डर बढ़ता गया।
लौटे भारतीयों ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से ज्यादा समय तक कोई संपर्क नहीं था। परिवार परेशान था, खुद डर में जी रहे थे। एक यात्री ने कहा, “इंटरनेट बंद होने से वीडियो कॉल, मैसेज कुछ नहीं। परिवार को पता नहीं था कि हम जिंदा हैं या नहीं।” कई ने ईरान में स्थिति को “बहुत खराब” बताया और भारतीय दूतावास की सराहना की। एक नागरिक ने कहा, “भारत सरकार और दूतावास ने पूरा सहयोग किया। मोदी जी हैं तो हर चीज मुमकिन है।”
14 जनवरी 2026 को भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर सभी भारतीयों (छात्र, तीर्थयात्री, कारोबारी) को उपलब्ध साधनों से ईरान छोड़ने की सलाह दी। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए और सुरक्षित जगहों पर रहने को कहा। ईरान ने अस्थायी रूप से एयरस्पेस बंद किया था, लेकिन बाद में खोला, जिससे पहली फ्लाइट संभव हुई। विदेश मंत्रालय ने इसे प्राथमिकता दी और कई फ्लाइट्स की व्यवस्था की।
ईरान में प्रदर्शनों की शुरुआत दिसंबर 2025 के अंत में तेहरान के ग्रैंड बाजार से हुई थी। अधिकारियों के अनुसार हजारों गिरफ्तारियां हुईं, जबकि मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि मौतें हजारों में हैं। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है, और भारत सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर नजर रखे हुए है। लौटे यात्रियों ने राहत जताई, लेकिन कई अभी भी वहां फंसे हैं, जिनकी सुरक्षित वापसी की कोशिश जारी है।
