अश्लील डांस को मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कला! हंसकर बोले- “मैं भी देखकर बताता हूं”

छत्तीसगढ़ में गरियाबंद और सूरजपुर जिलों से वायरल हुए अश्लील डांस वीडियो के मामलों ने पूरे प्रदेश में तहलका मचा रखा है। सरकारी संपत्तियों में अश्लील गतिविधियों और अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन साय सरकार के वरिष्ठ मंत्री एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम के बैकुंठपुर में दिए गए विवादित बयान ने आग में घी डाल दिया है। मंत्री ने इस गंभीर मुद्दे पर हंसते हुए ऐसी टिप्पणी की, जिसे लोग असंवेदनशील और अनुचित मान रहे हैं।

पत्रकारों ने जब सूरजपुर के कुमेली फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में वायरल अश्लील डांस वीडियो के बारे में सवाल किया, तो रामविचार नेताम ने कहा, “कला तो विविध क्षेत्र की कला ही है। अगर रेस्ट हाउस में भी कला जागृत हो जा रही है तो क्या कहेंगे।” उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा, “वहां आपको कौन जाने को बोला था? आप देखे हैं।” और हंसते हुए पत्रकारों से बोले, “मैं भी देखकर बताता हूं।” मंत्री की इस हल्की प्रतिक्रिया से मौके पर मौजूद पत्रकार असहज नजर आए।

यह बयान गंभीर नैतिक और प्रशासनिक विफलता के मुद्दे पर हंसी-मजाक करने जैसा लगा, जिसकी सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में जमकर आलोचना हो रही है। विपक्षी दल इसे सरकार की असंवेदनशीलता और महिलाओं के सम्मान पर उदासीनता का प्रमाण बता रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं कि जब सरकारी रेस्ट हाउस में अश्लीलता और शराबखोरी की महफिल सज रही हो, तो मंत्री का ‘कला जागृत’ वाला बयान महिलाओं की गरिमा का अपमान है।

क्या है मामला ?

सूरजपुर जिले में फॉरेस्ट रेस्ट हाउस विवाद: रामानुजनगर ब्लॉक के कुमेली वाटरफॉल के पास वन विभाग के रेस्ट हाउस में अश्लील डांस का वीडियो वायरल हुआ। युवतियां अर्धनग्न होकर नाचती दिख रही हैं, जबकि लोग पैसे लुटाते, जाम छलकाते और शराब पीते नजर आ रहे हैं। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि (बीडीसी) और शासकीय कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं। एक बीडीसी ने कथित तौर पर यह कार्यक्रम आयोजित किया था। वन विभाग ने कार्रवाई की – डिप्टी रेंजर और महिला फॉरेस्ट गार्ड निलंबित, रेंजर को कारण बताओ नोटिस, डीएफओ ने एसपी से FIR की मांग की।

गरियाबंद जिले में ऑर्केस्ट्रा विवाद

देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में ऑर्केस्ट्रा के नाम पर अश्लील डांस हुआ। डांसरों ने मंच पर कपड़े उतारकर प्राइवेट पार्ट्स दिखाए। मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम और पुलिसकर्मी नोट लुटाते और वीडियो बनाते दिखे। कलेक्टर ने एसडीएम को हटाया, जांच कमिटी गठित की, तीन पुलिसकर्मी निलंबित, 14 आयोजक गिरफ्तार किए गए।

सवाल यह है कि जब जनप्रतिनिधि और मंत्री ही ऐसी घटनाओं पर हंसी-मजाक करते हैं, तो आम नागरिकों से नैतिकता और कानून का पालन कैसे उम्मीद की जाए?

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