भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, रायपुर-महासमुंद में 9 ठिकानों पर छापेमारी
रायपुर। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक बन रहे आर्थिक कॉरिडोर में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में हुए कथित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार (29 दिसंबर 2025) को बड़ी कार्रवाई की। ED की टीमों ने रायपुर और महासमुंद जिले में कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान नकदी, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
ED की टीम ने सबसे पहले नवा रायपुर में प्रॉपर्टी डीलर हरमीत सिंह खनूजा के घर पर दबिश दी। इसके बाद महासमुंद में उनके ससुराल हरमीत चावला और कारोबारी जसबीर सिंह बग्गा के घरों पर छापा मारा। जांच देर रात तक जारी रही। इन ठिकानों पर नकदी, फर्जी दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले, जिन्हें ED ने अपने कब्जे में ले लिया।
किन-किन के घरों पर छापा?
तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू
आरआई रोशन लाल वर्मा
तहसीलदार शशिकांत कुर्रे
नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण
पटवारी जितेंद्र साहू, बसंती घृतलहरे, दिनेश पटेल और लेखराम देवांगन
कई अधिकारी घर पर नहीं मिले, जिनके ठिकानों पर नोटिस चस्पा किए गए। ED उन राजस्व अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जो पहले EOW (आर्थिक अपराध शाखा) की जांच में फरार थे।
घोटाले का तरीका
आरोप है कि हरमीत सिंह खनूजा (जिनकी पत्नी तहसीलदार हैं) ने कारोबारी विजय जैन, खेमराज कोसले और केदार तिवारी के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। बैकडेट में किसानों से फर्जी बंटवारा और नामांतरण कराए गए। ब्लैंक चेक और RTGS फॉर्म पर हस्ताक्षर कराए गए। ICICI बैंक, महासमुंद में खाते खुलवाकर मुआवजे की राशि कई निजी संस्थाओं में जमा कराई गई और बाद में निकालकर आपस में बांट ली गई।
घोटाले का पैमाना
EOW की जांच में सामने आया कि वास्तविक मुआवजा करीब 29.5 करोड़ रुपये होना चाहिए था, लेकिन फर्जी दस्तावेजों से 70-78 करोड़ तक दिखाया गया। सरकारी खजाने को लगभग 43 करोड़ का नुकसान हुआ। कुल 32 करोड़ के इस घोटाले में EOW ने पहले 10 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें गोपाल राम वर्मा, नरेंद्र नायक, उमा तिवारी, केदार तिवारी, विजय जैन, खेमराज कोसले, पुनुराम देशलहरे, भोजराम साहू और कुंदन बघेल शामिल हैं। सभी को जमानत मिल चुकी है। ED अब मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत जांच कर रही है।
क्या हुआ आगे?
ED ने 246 करोड़ का भुगतान पहले ही होने पर 73 करोड़ रुपये का भुगतान जांच पूरी होने तक रोक दिया है। यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना के छत्तीसगढ़ हिस्से में भारी अनियमितताओं की जांच का हिस्सा है। ED की टीमों ने दस्तावेजों की जांच तेज कर दी है और आगे गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
