गिरफ्तारी देने निकले थे, चक्काजाम पर बैठ गए: मैग्नेटो मॉल तोड़फोड़ केस में बजरंग दल का थाने के सामने प्रदर्शन

बजरंग दल का थाने के सामने प्रदर्शन

बजरंग दल का थाने के सामने प्रदर्शन

रायपुर: राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में स्थित मैग्नेटो मॉल में 24 दिसंबर को हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर एक बार फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में बजरंग दल के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मंगलवार को गिरफ्तारी देने निकले, लेकिन ऐन वक्त पर रणनीति बदलते हुए सीधे तेलीबांधा थाना पहुंच गए। यहां कार्यकर्ताओं ने थाना के सामने मुख्य सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जिससे इलाके की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।

अचानक बदली रणनीति, पुलिस भी रह गई हैरान

दरअसल, बजरंग दल ने पहले ऐलान किया था कि कार्यकर्ता सिविल लाइन थाना पहुंचकर गिरफ्तारी देंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए सिविल लाइन क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को चकमा देते हुए सिविल लाइन की बजाय सीधे तेलीबांधा थाना का रुख कर लिया और मुख्य मार्ग पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक हुए इस प्रदर्शन से पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया।

चक्काजाम से ठप हुआ ट्रैफिक, मौके पर भारी पुलिस बल

तेलीबांधा थाना के सामने सड़क पर बैठे कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तार किए गए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। चक्काजाम के चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नजर बनाए हुए हैं।

क्या है पूरा मामला? जानिए जड़ से कहानी

24 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बंद के दौरान रायपुर के मैग्नेटो मॉल में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई थी। आरोप है कि बजरंग दल के 30 से 40 कार्यकर्ता लाठी-डंडे लेकर मॉल में घुसे और दुकानों में तोड़फोड़ की। बताया गया कि इस दौरान धर्म और जाति पूछकर कर्मचारियों को डराया गया, जिससे मॉल में मौजूद स्टाफ और ग्राहक दहशत में आ गए थे।

मॉल प्रबंधन के गंभीर आरोप

मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता ने आरोप लगाया था कि मॉल बंद होने के बावजूद 50 से 100 लोग जबरन अंदर घुसे। उनके हाथों में लाठी और हॉकी स्टिक थे और कर्मचारियों के आईडी कार्ड तक चेक किए गए। पुलिस के पहुंचने से पहले ही मॉल में भारी नुकसान हो चुका था।

15–20 लाख के नुकसान का अनुमान, FIR दर्ज

तोड़फोड़ की इस घटना में मॉल को करीब 15 से 20 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने 30 से 40 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 190, 191(2), 324(2) और 331(3) के तहत FIR दर्ज की है।

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हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता, विरोध तेज

शुक्रवार देर रात पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने करीब दर्जन भर बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हिरासत में लिया था, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। इसी कार्रवाई के विरोध में बजरंग दल लगातार प्रदर्शन कर रहा है और पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहा है।

अन्य घटनाएं भी आई थीं सामने

छत्तीसगढ़ बंद के दौरान रायपुर में ब्लिंकिट ऑफिस में घुसकर कर्मचारियों से मारपीट की घटना भी सामने आई थी, जिसका CCTV फुटेज वायरल हुआ था। वहीं, मैग्नेटो मॉल की घटना के बाद एहतियातन विधानसभा रोड स्थित अंबुजा मॉल को खाली कराया गया था और वहां भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण

तेलीबांधा थाना क्षेत्र में फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल लगाया गया है और मामले में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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