Migrant Worker Murder in Kerala: प्रवासी मजदूर की हत्या पर सियासत तेज, चरणदास महंत ने सीएम को लिखा पत्र

Migrant Worker Murder in Kerala: केरल में छत्तीसगढ़ के एक प्रवासी मजदूर की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सक्ती जिले के निवासी रामनारायण बघेल की कथित मॉब लिंचिंग के बाद अब मृतक के परिजन न्याय की मांग को लेकर केरल के पलक्कड़ पहुंच गए हैं। परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। इस मामले में अब राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।

परिजनों की तीन प्रमुख मांगें

मजदूर की हत्या के बाद मृतक की पत्नी और परिजन केरल पहुंचकर राज्य सरकार और प्रशासन के सामने तीन अहम मांगें रखी हैं। परिजनों की मांग है कि मामले को मॉब लिंचिंग की धाराओं में दर्ज किया जाए और निष्पक्ष जांच के लिए SIT (विशेष जांच टीम) गठित की जाए। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की भी मांग की है। मांगें पूरी न होने तक परिजनों ने शव ले जाने से इनकार कर दिया है।

नेता प्रतिपक्ष ने सीएम को लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य सरकार को केरल सरकार से समन्वय बनाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

हत्या को बताया अमानवीय और शर्मनाक

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि केरल के पलक्कड़ जिले में हुई यह घटना अत्यंत हृदयविदारक और अमानवीय है। केवल संदेह के आधार पर छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के प्रवासी मजदूर रामनारायण बघेल की कथित मॉब लिंचिंग कर निर्मम हत्या कर दी गई। यह घटना न सिर्फ मानवता को शर्मसार करती है, बल्कि देशभर में काम कर रहे प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने बताया कि मृतक के शरीर पर 80 से अधिक गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जो अपराध की भयावहता को दर्शाते हैं।

सीएम से त्वरित हस्तक्षेप की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले में शासन की संवेदनशीलता और त्वरित हस्तक्षेप से न केवल पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा, बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

17 दिसंबर को हुई थी घटना

उल्लेखनीय है कि 17 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के 31 वर्षीय प्रवासी मजदूर रामनारायण बघेल की केरल के पलक्कड़ जिले में हत्या कर दी गई थी। कथित तौर पर बांग्लादेशी समझकर कुछ लोगों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की थी। गंभीर रूप से घायल रामनारायण की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

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