शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सदन में भारी हंगामा: पोस्टर लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, प्रश्नकाल दो बार स्थगित
छत्तीसगढ़ विधानसभा
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस के विधायक हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सदन में पहुंचे, जिस पर सत्तापक्ष के विधायकों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रश्नकाल में पोस्टरबाजी पर सत्ता पक्ष का विरोध
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक मनरेगा के नाम में परिवर्तन को लेकर विरोध जताने लगे। इस दौरान विधायक अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह ने कांग्रेस विधायकों की वेशभूषा और हाथों में मौजूद पोस्टर-बैनर को लेकर आपत्ति जताई।
अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान भाषणबाजी और प्रदर्शन की नई परंपरा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी इस पर आपत्ति जताई।
नेता प्रतिपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस
इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत मनरेगा के नाम परिवर्तन के मुद्दे पर बोलने लगे। इस पर अजय चंद्राकर ने दोहराया कि प्रश्नकाल भाषण के लिए नहीं होता। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी, जिससे सदन का माहौल गरमा गया।
स्पीकर की सख्त व्यवस्था, 10 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आसंदी से उठे और व्यवस्था देते हुए कहा कि प्रश्नकाल के दौरान झंडा, बैनर, पोस्टर और नारेबाजी नियमों के खिलाफ है। उन्होंने प्रश्नकाल को सबसे महत्वपूर्ण समय बताते हुए कहा कि इसका अधिकतम उपयोग होना चाहिए। स्पीकर ने निर्देश दिया कि पोस्टर हटाकर ही विधायक सदन में आएं, इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
फिर नहीं मानी व्यवस्था, दोबारा स्थगन
10 मिनट बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन व्यवस्था का पालन न होने और पोस्टर न हटाने पर फिर हंगामा शुरू हो गया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि पोस्टर के साथ सदन की कार्यवाही नहीं चल सकती और उन्होंने प्रश्नकाल को दोबारा 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
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