ओडिशा–छत्तीसगढ़ महानदी जल विवाद: 22 तारीख को होगी बैठक, हाई लेवल कमेटी करेगी मंथन

महानदी जल विवाद को सुलझाने के लिए ओडिशा सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है, जिसकी पहली बैठक 22 दिसंबर को शाम 4 बजे लोक सेवा भवन में होगी। इस समिति की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री कनकबर्धन सिंह देव करेंगे।

बहु-पार्टीय समिति में शामिल हैं ये नेता
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर गठित इस 8 सदस्यीय समिति में राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, उद्योग मंत्री संपदा चंद्र स्वैन, गवर्नमेंट चीफ विजिलेंट सरोज कुमार प्रधान, बीजद विधायक निरंजन पुजारी, संबलपुर विधायक जयनारायण मिश्रा और कांग्रेस विधायिका सोफिया फिरदोस शामिल हैं।

ट्रिब्यूनल के बजाय राजनीतिक समाधान पर जोर
समिति के सदस्य जयनारायण मिश्रा ने कहा, “पिछली सरकार का ट्रिब्यूनल जाने का फैसला गलत था। इसके लिए राजनीतिक समाधान की ज़रूरत है। जैसे छत्तीसगढ़ ने बैराज बनाया, वैसे ही ओडिशा को भी हीराकुंड डैम के नीचे और बैराज बनाने चाहिए।”

कांग्रेस नेत्री सोफिया फिरदोस ने कहा, “9 साल बाद ऐसी समिति बनी है। न्यायिक प्रक्रिया में हमेशा देरी होती है। उम्मीद है यह समिति विवाद सुलझा पाएगी।”

समिति का उद्देश्य
समिति महानदी के पानी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी और राज्य में तकनीकी व प्रशासनिक प्रयासों को नीतिगत मार्गदर्शन देगी। यह कदम तब उठाया गया है जब यह मामला ट्रिब्यूनल में लंबित है और ओडिशा व छत्तीसगढ़ के बीच अलग-अलग मोर्चों पर बातचीत चल रही है

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