अमेरा कोल खदान हिंसा में बड़ी कार्रवाई: 150 ग्रामीण आरोपी, अफसरों पर जानलेवा हमले का केस दर्ज
अमेरा कोल माइंस विवाद पर एक्शन
अंबिकापुर। अमेरा कोल एक्सटेंशन खदान को लेकर बढ़ते विवाद ने अब हिंसक रूप ले लिया है। लखनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 150 ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें 55 से अधिक लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
विवाद की जड़ क्या है?
ग्रामीणों का कहना है कि खदान के विस्तार से उनके खेत, जलस्रोत और गांव का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होगा। उनका आरोप है कि परियोजना से उनकी जमीनों को खतरा है और पर्यावरणीय नुकसान भी बढ़ेगा। उधर प्रशासन का दावा है कि यह परियोजना क्षेत्र में रोजगार, विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी। प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा, पुनर्वास और अन्य सुविधाओं की योजना भी तैयार की गई है।
हिंसा में 39 अधिकारी–कर्मचारी घायल
खदान विस्तार का विरोध कर रहे ग्रामीण अचानक उग्र हो गए और पुलिस तथा प्रशासनिक टीम पर लाठी, डंडे, पत्थर और गुलेल जैसी वस्तुओं से हमला कर दिया। इस हमले में ASP, अपर कलेक्टर, पुलिस इंस्पेक्टर सहित कुल 39 अधिकारी और कर्मचारी घायल हुए।
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गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
लखनपुर पुलिस ने जिन ग्रामीणों को आरोपी बनाया है, उन पर हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान, भीड़ हिंसा, मारपीट और पथराव सहित कई गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं। 55 ग्रामीणों की पहचान पुख्ता हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
स्थिति काबू में करने पुलिस ने किया लाठीचार्ज
भीड़ के लगातार पथराव और हिंसक रुख को देखते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा प्राथमिकता रखते हुए भीड़ को तितर–बितर किया गया।
