Sanchar Saathi App: केंद्र सरकार ने वापस लिया आदेश, नए स्मार्टफोन्स में अब नहीं होगा ‘संचार साथी’ ऐप प्री-इंस्टॉल
केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए स्मार्टफोन्स में “संचार साथी” (Sanchar Saathi) App को अनिवार्य रूप से प्री-इंस्टॉल करने के आदेश को वापस ले लिया है। यह आदेश सभी मोबाइल कंपनियों—जिसमें Apple भी शामिल है—से वापस लिया गया है। सरकार ने अपने बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों में ऐप के 6 लाख से अधिक डाउनलोड हुए हैं, जिससे यह निर्णय अब आवश्यक नहीं रह गया।
विरोध और निजता की चिंता बनी बड़ी वजह
इस आदेश को वापस लेने के पीछे सबसे बड़ी वजह विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार किया गया विरोध है। उनका कहना था कि किसी ऐप को जबर्दस्ती प्री-इंस्टॉल करना निजता का उल्लंघन हो सकता है और इसका दुरुपयोग निगरानी के लिए भी किया जा सकता है, जो 2021 के पेगासस विवाद की याद दिलाता है।
सिंधिया का बयान: “ज़रूरत पड़े तो ऐप हटाया भी जा सकता है”
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संसद में कहा था कि संचार साथी पूरी तरह सुरक्षित है और जासूसी का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “लोकतंत्र में हर नागरिक को अधिकार है कि वह अपने फोन का ऐप हटाए या रखे। इसलिए यदि ज़रूरत हुई, ऐप को हटाया भी जा सकता है।”
सरकार की दलील: सुरक्षा के हित में था आदेश
सरकार ने कहा कि संचार साथी ऐप साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अपराधों से नागरिकों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। ऐप का उद्देश्य केवल सुरक्षा प्रदान करना है और इसमें यूजर डेटा का कोई दुरुपयोग नहीं होता। उपयोगकर्ता चाहें तो ऐप को कभी भी अनइंस्टॉल कर सकते हैं।
क्या है संचार साथी ऐप?
यह दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा विकसित एक साइबर सुरक्षा और जागरूकता प्लेटफॉर्म है।
यह—
- स्मार्टफ़ोन सुरक्षा
- चोरी/गुम फोन की ट्रैकिंग
- सिम कार्ड की जानकारी
- फर्जी फ्रॉड कॉल/स्कैम रिपोर्टिंग
जैसी सेवाएं प्रदान करता है।
यह Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स के लिए उपलब्ध है, साथ ही एक वेब पोर्टल के रूप में भी कार्य करता है।
