Revenue Records: राजस्व रिकॉर्ड होंगे डिजिटल: नए साल से शुरू होगी स्मार्ट-PDS व्यवस्था

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Revenue Records: साय सरकार के दो साल पूरे होने पर विभागीय सचिव अपनी-अपनी उपलब्धियों की जानकारी दे रहे हैं। इसी क्रम में राजस्व एवं खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने बताया कि राजस्व विभाग को पूर्ण रूप से डिजिटल करने का कार्य तेजी से चल रहा है। खसरा और बी-1 की डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रतिलिपि अब ऑनलाइन उपलब्ध होगी और भू-अभिलेख में होने वाले किसी भी परिवर्तन की सूचना खाताधारकों के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि भू-अभिलेख तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने के लिए एंड्रॉयड ऐप भी जल्द ही गूगल प्ले स्टोर पर लॉन्च किया जाएगा। राज्य के 20551 ग्रामों के खसरे और 19692 ग्रामों के नक्शों का कम्प्यूटरीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 155 तहसीलों में आधुनिक रिकॉर्ड रूम का निर्माण भी किया जा चुका है। ई-कोर्ट के माध्यम से राजस्व न्यायालयों में प्राप्त आवेदनों का ऑनलाइन पंजीयन किया जा रहा है और पक्षकारों को एसएमएस के माध्यम से केस की स्थिति की जानकारी भेजी जा रही है। भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑटो डायवर्सन सिस्टम शुरू किया जा रहा है, जिससे डायवर्सन की प्रक्रिया अब 15 दिनों में पूरी हो सकेगी।

खाद्य विभाग में स्मार्ट-पीडीएस की तैयारी

खाद्य विभाग की उपलब्धियों पर बात करते हुए सचिव कंगाले ने बताया कि स्मार्ट-पीडीएस प्रणाली लागू करने की तैयारी जारी है और यह अगले वर्ष तक पूरी होने की उम्मीद है। वर्तमान में 6.585 उचित मूल्य दुकानों के पास स्वयं का दुकान सह गोदाम भवन नहीं है और ये दुकानें किराए या अन्य शासकीय भवन में संचालित हो रही हैं, इसलिए इनके लिए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी तहसीलों में जल्द ही ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे खाताधारकों को न तो तहसील कार्यालय और न ही पटवारी के पास जाना पड़ेगा। खसरों का आधार आधारित ऑथेंटिकेशन किया जा रहा है, ताकि बिना सूचना दिए रिकॉर्ड में किसी प्रकार का संशोधन न किया जा सके।

नियद नेल्लानार योजना: दूरस्थ गांवों को मुफ्त राशन

उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर संभाग के बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर जिलों के चयनित 402 दूरस्थ ग्रामों में 42,220 राशनकार्डधारी परिवारों को हर महीने खाद्यात्र, चना, शकर, नमक और गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। इसके लिए इन क्षेत्रों में 18 नई उचित मूल्य दुकानों को स्वीकृति भी दी गई है, जबकि कई दुकानों को उनके मूल पंचायतों में पुनः स्थानांतरित किया गया है, जिससे राशन वितरण और अधिक सुगम हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 38 लाख बीपीएल महिलाओं को गैस कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 में नए गैस कनेक्शन जारी करने के लिए भी जिलों में कार्यवाही तेजी से की जा रही है।

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