Chhattisgarh Dhan Kharidi: टोकन और फटे बारदाने से परेशान किसान, गरियाबंद धान खरीदी केंद्रों में हाहाकार

Chhattisgarh Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में इस वर्ष धान खरीदी प्रक्रिया अव्यवस्था का शिकार दिखाई दे रही है। जिले के पाँच धान खरीदी केंद्र ऐसे हैं जहां अब तक खरीदी की शुरुआत भी नहीं हो पाई है। वहीं दूसरी ओर, जिले के अन्य 85 केंद्रों में बीते आठ दिनों में किसानों ने कुल 1,58,000 क्विंटल धान बेचा है। सिर्फ कल ही किसानों द्वारा 83,000 पंजीकरण कराए गए।

अधिकारियों ने बताया कि धान बेचने के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 तारीख कर दी गई है।

किसानों ने बताई अपनी परेशानी

धान खरीदी केंद्रों पर पहुँचे किसानों ने अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा। उनका कहना है कि टोकन प्राप्त करने में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। कई किसानों को टोकन काटने के 8 दिन बाद की तारीख दी जा रही है, जिससे धान बेचने में बड़ी देरी हो रही है।

किसानों ने यह भी शिकायत की कि केंद्रों पर फटे हुए बारदाने दिए जा रहे हैं, जिससे बोरी भरने और परिवहन में दिक्कतें बढ़ रही हैं।

अप्रशिक्षित कर्मचारियों से बढ़ी दिक्कत

एक और बड़ी समस्या कर्मचारियों की कमी और अधूरी ट्रेनिंग है। किसानों ने बताया कि नए भर्ती कर्मचारी मात्र कुछ घंटों की ट्रेनिंग के बाद केंद्रों पर भेज दिए जा रहे हैं। इसके चलते उन्हें खरीदी प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती और इससे काम बेहद धीमी गति से हो रहा है। किसानों का कहना है कि देरी के कारण उनकी फसल की बिक्री और समय पर भुगतान प्रभावित हो सकता है।

केंद्रों में संसाधनों की भारी कमी

किसानों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है कि कई केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ, सही दिशा-निर्देश और आवश्यक संसाधनों का अभाव है।

इन कारणों से खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि प्रशासन को जल्द हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुधारनी चाहिए ताकि धान खरीदी तेज, पारदर्शी और सुविधा जनक तरीके से हो सके।

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