तस्करों की गुंडागर्दी: कार्रवाई करने गए वनकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, मोबाइल लूटा; आरोपी फरार
कोरबा जिले के जोगीपाली गांव में देर रात साल पेड़ों की अवैध कटाई का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों का एक समूह जंगल में घुसकर पेड़ों की कटाई कर रहा था और लकड़ी को ट्रैक्टर में लोड करके तस्करी के लिए ले जाने की तैयारी में था। इस बीच वन अमले की टीम मौके पर पहुंची तो तस्करों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने न केवल कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, बल्कि उनका मोबाइल भी लूट लिया। जान बचाकर भागे वनकर्मी तुरंत थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए हैं।
सूचना पर जंगल में दबिश, तस्करी का खुलासा
जानकारी के मुताबिक, कोरबा वनमंडल के करतला परिक्षेत्र में तैनात परिक्षेत्र सहायक चमरू सिंह कंवर और बीट गार्ड गजाधर राठिया हाथी ड्यूटी और गांवों में घोषणाओं के दौरान रात्रि गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि जोगीपाली के पटेल परिवार के कुछ लोग नावाडीह जंगल में साल लकड़ी की अवैध कटाई कर रहे हैं। दोनों कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां तीन साल पेड़ों को काटकर ट्रैक्टर में लोड किया जा रहा था।
तस्करों की बर्बरता: वनकर्मियों की वर्दी फाड़ी, बेहोश कर मारपीट
जब वन विभाग की टीम ने छापा मारा तो तस्कर बेकाबू हो गए और दोनों कर्मचारियों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, वर्दी फाड़ी, मोबाइल फोन लूटा, उन्हें जबरन गांव ले जाकर 20–25 ग्रामीणों ने और पिटाई की।
हमले के दौरान एक कर्मचारी बेहोश भी हो गया। दोनों किसी तरह जान बचाकर देर रात करीब 2 बजे मुख्यालय पहुंचे और अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
तुरंत ही वन विभाग की टीम करतला थाने पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई।
कई धाराओं में केस दर्ज, आरोपी अब भी फरार
पुलिस ने लकड़ी तस्करी और वनकर्मियों पर हमले के आरोप में कई ग्रामीणों पर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इन मुख्य आरोपियों के नाम— मनाराम पटेल, अंकुश पटेल, चंद्रशेखर पटेल,प्रमोद पटेल, बंधूराम पटेल, शिवप्रसाद पटेल, गनपत पटेल, मनोज पटेल, संजय पटेल, महेंद्र उर्फ भोला सहित अन्य लोगों के विरुद्ध BNS की धारा 221, 132, 121, 191(2), 296, 351(3), 304(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों की तलाश में जुटी है।
वन विभाग में आक्रोश, गिरफ्तारी की मांग तेज
घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। सूत्रों के अनुसार वनकर्मी आज पुलिस अधीक्षक से मिलकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करेंगे। यदि कार्रवाई में देरी हुई तो कर्मचारी उग्र आंदोलन भी कर सकते हैं।
यह घटना स्पष्ट करती है कि लकड़ी तस्करों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और वे जंगलों में अवैध कटाई को खुलेआम अंजाम दे रहे हैं। वन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे कोरबा वनमंडल में चौकसी बढ़ाने का निर्णय लिया है।
