छत्तीसगढ़ 25वें स्थापना दिवस पर खास: जानिए राज्य के इतिहास, संस्कृति और उपलब्धियों की 25 खास बातें…

छत्तीसगढ़ 25वें स्थापना दिवस

छत्तीसगढ़ 25वें स्थापना दिवस

 रायपुर: 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर बने छत्तीसगढ़ राज्य ने बीते ढाई दशकों में अभूतपूर्व प्रगति की है। कभी ‘धान के कटोरे’ के नाम से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ आज उद्योग, ऊर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। इन 25 वर्षों की यात्रा में इस राज्य ने न केवल आर्थिक और सामाजिक विकास की नई इबारत लिखी है, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपरा और जनजातीय गौरव को भी वैश्विक पहचान दिलाई है।

तो आइए जानते हैं 25 वर्ष की 25 ख़ास बातें….

1. छत्तीसगढ़ का भूगोल

छत्तीसगढ़ 17°46′ से 24°05′ उत्तरी अक्षांश और 80°15′ से 84°24′ पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। राज्य के उत्तर और दक्षिण भाग पर्वतीय हैं, जबकि मध्य क्षेत्र उपजाऊ मैदानों से भरा है। कुल क्षेत्रफल 1,35,194 वर्ग किलोमीटर में फैला यह प्रदेश मध्य भारत का अभिन्न हिस्सा है।

2. छत्तीसगढ़ का जन्म

1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ भारत का 26वां राज्य बना। अब 2025 में यह राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है।

3. छत्तीसगढ़ नाम की उत्पत्ति

इतिहासकार डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र और डॉ. लक्ष्मीधर झा के अनुसार, इस क्षेत्र में 36 किले (गढ़) थे, इसलिए इसका नाम ‘छत्तीसगढ़’ पड़ा। एक अन्य मत के अनुसार, यह नाम “चेदिशगढ़” शब्द से विकसित हुआ। रायपुर गजेटियर (1973) के अनुसार, 18 किले शिवनाथ नदी के उत्तर और 18 दक्षिण में स्थित थे।

4. सीमाएं और भू-राजनीति

छत्तीसगढ़ की सीमाएं सात राज्यों — मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और उत्तर प्रदेश — से मिलती हैं। यह राज्य मध्य भारत का रणनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है।

5. राजधानी रायपुर

रायपुर छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक, आर्थिक और शैक्षणिक केंद्र है। यह तेजी से आधुनिक महानगर के रूप में विकसित हो रहा है।

6. रायपुर: शिक्षा का नया हब

रायपुर आज IIM, IIT, AIIMS, NIT, HNLU जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के कारण शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां से पूरे मध्य भारत में शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा मिल रही है।

7. छत्तीसगढ़ की जनसंख्या

2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की जनसंख्या लगभग 2.55 करोड़ है। इनमें अनुसूचित जनजातियां 30.6% और अनुसूचित जातियां 12.8% हैं।

8. कृषि और ‘धान का कटोरा’

उपजाऊ धरती और धान की अनगिनत प्रजातियों के कारण छत्तीसगढ़ को ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है। कृषि यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

9. वन संपदा और जैव विविधता

राज्य का लगभग 44% क्षेत्र वनाच्छादित है। छत्तीसगढ़ को जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों का खजाना कहा जाता है।

10. राज्य के प्रतीक चिन्ह

राज्य पशु: वन भैंसा

राज्य पक्षी: पहाड़ी मैना

राज्य वृक्ष: साल (सरई)

11. नदियों की जीवनधारा

राज्य की प्रमुख नदियों में महानदी, इंद्रावती, हसदेव, शिवनाथ, अरपा, मांड, पैरी और खारून शामिल हैं — जो छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा हैं।

12. औद्योगिक ताकत: भिलाई स्टील प्लांट

भिलाई इस्पात संयंत्र राज्य की औद्योगिक आत्मा है। यह भारत के सबसे बड़े स्टील संयंत्रों में से एक है और राष्ट्रीय इस्पात उत्पादन में अहम योगदान देता है।

13. ऊर्जा राजधानी कोरबा

कोरबा सुपर थर्मल पावर प्लांट (NTPC) राज्य की ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। यहां की गेवरा और कुसमुंडा खदानें कोरबा को ‘एनर्जी कैपिटल ऑफ छत्तीसगढ़’ बनाती हैं।

14. खनिज संपदा

छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क, बॉक्साइट, कोयला, टिन, तांबा और मैंगनीज के विशाल भंडार मौजूद हैं, जो इसे भारत का खनिज-समृद्ध राज्य बनाते हैं।

15. हवाई कनेक्टिविटी

स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट (रायपुर)

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट (बिलासपुर)

मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट (जगदलपुर)
ये तीनों हवाई अड्डे राज्य को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ते हैं।

16. रेलवे नेटवर्क

बिलासपुर भारतीय रेल के 16वें जोन का मुख्यालय है। रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे शहर देश के प्रमुख रेल नेटवर्क से जुड़े हैं।

17. जनजातीय गौरव और बस्तर

बस्तर क्षेत्र अपनी जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां के त्योहार और नृत्य जैसे पंथी, सुआ, राउत नाच, करमा और गौर राज्य की सांस्कृतिक आत्मा हैं।

18. लोककला और हस्तशिल्प

बस्तर बेलमेटल, लकड़ी की नक्काशी, बांस कला, और टेराकोटा शिल्प छत्तीसगढ़ की समृद्ध कलात्मक परंपरा को दर्शाते हैं।

19. चित्रकोट जलप्रपात

जगदलपुर के पास स्थित चित्रकोट जलप्रपात को ‘भारत का नियाग्रा’ कहा जाता है। यह पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है।

20. सिरपुर और भोरमदेव

सिरपुर के बौद्ध और हिंदू स्मारक प्राचीन गौरव के प्रतीक हैं। वहीं, भोरमदेव मंदिर को छत्तीसगढ़ का खजुराहो कहा जाता है, जबकि राजिम त्रिवेणी संगम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग माना जाता है।

21. स्वतंत्रता संग्राम में योगदान

छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। जनजातीय समाज ने अपने संघर्ष और बलिदान से स्वतंत्रता की लड़ाई में विशेष पहचान बनाई।

22. पर्यावरण और पर्यटन

राज्य में इंद्रावती, कांगेर घाटी और गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान जैव विविधता और वन्य जीवन के संरक्षण के प्रमुख केंद्र हैं।

23. वर्तमान सरकार और नेतृत्व

राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है। विष्णुदेव साय दिसंबर 2023 में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने। वे राज्य के पहले जनजातीय मुख्यमंत्री हैं।

24. बस्तर में प्रकृति और परंपरा का संगम

बस्तर क्षेत्र न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां की जनजातीय परंपराएं, लोककला और त्योहार इसकी असली पहचान हैं।

25. सांस्कृतिक आत्मा — लोकनृत्य

पंथी, सुआ, करमा, राउत नाच और गौर नृत्य छत्तीसगढ़ की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए हैं।

 

 

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