SIR अभियान : छत्तीसगढ़ में होगी मतदाता सूची की गहन जांच, डुप्लिकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाने की तैयारी

SIR अभियान

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चुनाव आयोग ने देशभर में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में Systematic Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी यह विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।

बीएलओ घर-घर करेंगे सत्यापन कार्य

अभियान के तहत बीएलओ (Booth Level Officer) प्रत्येक मतदाता के घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और मतदाताओं को उन्हें सही तरीके से भरने में मदद करेंगे। इसके बाद वे इन फॉर्म्स को वापस एकत्र करेंगे। हर बीएलओ को मतदाताओं के घर कम से कम तीन बार जाकर विवरण की जांच करनी होगी, ताकि कोई भी नाम दोहराया न रहे और फर्जी प्रविष्टियों की पहचान की जा सके।

21 साल बाद दोबारा होगा सघन पुनरीक्षण

जानकारी के मुताबिक, SIR अभियान अब तक 1951 से 2004 के बीच 8 बार चलाया गया है। आखिरी बार यह प्रक्रिया 2002 से 2004 के बीच संपन्न हुई थी। लगभग दो दशकों बाद, एक बार फिर निर्वाचन सूची के गहन पुनरीक्षण का निर्णय लिया गया है।

गलत नाम और मृत मतदाता सूची से हटेंगे

SIR के दौरान मतदाता सूचियों से मृत व्यक्तियों, डुप्लिकेट नामों और गलती से शामिल हुए विदेशी नागरिकों के नाम हटाए जाएंगे। लगातार प्रवास (Migration) के चलते कई मतदाता एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं, जिससे सूची की विश्वसनीयता प्रभावित हुई थी। अब आयोग का लक्ष्य है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और निष्पक्ष बनाया जाए।

राजनीतिक दलों की शिकायतों के बाद शुरू हुआ अभियान

चुनाव आयोग ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने हाल के दिनों में मतदाता सूचियों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए थे। इसी के बाद आयोग ने यह सघन पुनरीक्षण अभियान शुरू किया है, ताकि हर नागरिक का नाम सही तरीके से दर्ज हो और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न रहे।

 

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