शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल: 3 साल से स्कूल नहीं आया प्रधान पाठक, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल

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सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के सावारांवा गांव में शिक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश उभर कर सामने आया है। यहां के माध्यमिक स्कूल में पदस्थ प्रधान पाठक बीते तीन वर्षों से स्कूल नहीं आ रहे, जिसको लेकर गांववालों ने प्रदर्शन करते हुए शिक्षक को हटाने की मांग की है।

“स्कूल है, लेकिन शिक्षक नहीं!” — ग्रामीणों की पीड़ा

ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान पाठक की लगातार गैरहाजिरी से बच्चों की पढ़ाई चौपट हो चुकी है। न सिर्फ स्कूल में शिक्षक मौजूद नहीं रहते, बल्कि पिछले पांच वर्षों से न स्कूल की मरम्मत हुई है, न रंगाई-पुताई, जबकि हर साल इसके लिए सरकारी राशि जारी होती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब स्कूल का विकास नहीं हो रहा, तो फंड आखिर कहां खर्च हो रहा है?

जनपद सदस्य नेहा सिंह ने उठाई आवाज

प्रदर्शन में शामिल जनपद सदस्य नेहा सिंह ने शिक्षा विभाग की लापरवाही पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने मांग की है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे आने वाले समय में कोई और बच्चा इस तरह की स्थिति का शिकार न हो।

शिक्षा विभाग ने दिए जांच के निर्देश

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने स्वीकार किया है कि संबंधित शिक्षक लंबे समय से अनुपस्थित हैं। उन्होंने बताया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच सौंपी गई है, और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। DEO ने यह भी कहा कि बरसात के बाद स्कूलों में मरम्मत और पुताई का काम शुरू किया जाएगा।

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